जिन किसानों का धान खलिहान में है वह तो परेशान हैं ही मौसम में सुधार न हुआ तो आलू में झुलसा का प्रकोप होगा।
धान कटाई के साथ किसान गेहूं की बोआई कर रहे हैं।
बहुत से किसान धान की फसल तो काट चुके लेकिन वह खलिहान में रखी है। तीन दिनों से मौसम का मिजाज बदला हुआ है। रविवार दोपहर मामूली बूंदाबादी हुई जिससे छोटे किसानों की नींद ही उड़ गई है।
बारिश हुई तो कटी फसल भी नहीं बचेगी। उधर मौसम के उतार चढ़ाव से आलू किसानों की भी नींद उड़ी हुई है। मौसम खुला तो उसमें झुलसा रोग की संभावना बढ़ जाएगी।
कृषि वैज्ञानिक डॉ. जेपी सिंह ने बताया कि जिन किसानों ने धान की फसल की कटाई देरी से की और फसल खलिहान में है। बूंदबांदी से नमी पकड़ लेेगी। जिससे सूखने में समय लगेगा।
जिससे उसकी गुणवत्ता प्रभावित होगी। उसकी कीट लगने की संभावना होगी। बताया कि मौसम में सुधार हुआ तो आलू किसानों की परेशानी बढ़ेगी। इसलिए उन्हें सावधान रहने की जरुरत है।
मौसम खुलने के साथ ही आलू में झुलसा का प्रकोप बढ़ जाएगा। किसान इसमें उचित दवाओं का छिड़काव कर समस्या से छुटकारा पा सकते हैं।