स्थानीय ब्लॉक क्षेत्र की समितियों पर उन किसानों को यूरिया नहीं मिल पा रही जिनकी फार्मर रजिस्ट्र
बाराबंकी। स्थानीय ब्लॉक क्षेत्र की समितियों पर उन किसानों को यूरिया नहीं मिल पा रही जिनकी फार्मर रजिस्ट्री नहीं बन पाई है। ऐसे किसान निजी दुकानों से महंगे दाम पर यूरिया खरीदने को विवश हैं।
ई-पॉस मशीन में सर्वर चलने के कारण शनिवार को छूलापाही, नवाबपुर और उस्मानपुर समिति पर सैकड़ों किसानों की भीड़ रही। नवाबपुर समिति पर बिना फार्मर रजिस्ट्री वाले किसानों राम कुमार, सुरेश, बजरंग और हजारी को यूरिया नही दी गई।
नवाबपुर समिति के सचिव विनोद कुमार ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार बिना फार्मर रजिस्ट्री वाले किसानों को यूरिया का वितरण नहीं किया जा सकता।
वहीं एडीओ कोऑपरेटिव चंद्रिका प्रसाद ने कहा कि सभी साधन सहकारी समितियों पर्याप्त मात्रा में यूरिया उपलब्ध है। जिन किसानों की फार्मर रजिस्ट्री बनी है, उन्हें पहले दी जा रही है। साधन सहकारी समिति हरख में यूरिया खाद के लिए लंबी लाइन देखी गई। यहां भी फार्मर रजिस्ट्री विहीन किसानों को निराश होना पड़ा।
वहीं जिला कृषि अधिकारी राजित राम का कहना है कि जिन गांवों की चकबंदी चल रही है, उन गांवों के किसानों की तथा आधार कार्ड और खतौनी में नाम में अंतर है उनकी फार्मर रजिस्ट्री नहीं बनी है। इसके अलावा जिन किसानों की मौत के बाद उनके आश्रित के नाम जमीन की वरासत नहीं हुई है, वह भी फार्मर रजिस्ट्री से वंचित हैं, ऐसे किसानों को खाद देने का निर्देश पहले से ही जारी है। भीड़ के कारण भले ही यूरिया न मिली हो। इस संबंध में समितियों के सचिवोें को दोबारा निर्देशित किया जाएगा।
स्थानीय ब्लॉक क्षेत्र की समितियों पर उन किसानों को यूरिया नहीं मिल पा रही जिनकी फार्मर रजिस्ट्र