डीएचओ की तहरीर पर मुकदमा दर्ज करने के बाद आरोपी किसान को पुलिस रातोंरात घर से उठा लाई। शनिवार की सुबह जब इसकी जानकारी किसानों को हुई तो उनका आक्रोश भड़क उठा। गांवों से किसान ट्रैक्टर ट्रालियों से कलक्ट्रेट पहुंचने लगे। देखते ही देखते हजारों की संख्या में किसान कलक्ट्रेट में जुट गए।
प्रशासन भी पहले से सतर्क था इसलिए पूरे जिले की पुलिस फोर्स को बुला लिया गया था। पूरे दिन किसानों और पुलिस वालों में नोक झोंक होती रही। स्थिति अब लाठी चार्ज तब लाठी चार्ज की बनती जा रही थी लेकिन डीएम को ओर से इसके लिए कोई संकेत नहीं मिल रहे थे।
शाम करीब सात साढ़े छह बजे जिलाधिकारी ने किसानों के प्रतिनिधि मंडल को वार्ता के लिए बुलाया। देर रात डीएम के आश्वासन पर किसानों ने धरना खत्म कर दिया। उधर, किसान संग्राम को पुलिस ने गिरफ्तार करने के बाद शनिवार को कोर्ट में पेश किया। जहां से उन्हें सीधे जेल भेज दिया गया है।
शुक्रवार की शाम करीब तीन बजे किसान नेता संग्राम सिंह अन्य साथी किसानों के साथ विकास भवन स्थित उद्यान अधिकारी के पास गए थे। इस दौरान केले के बीज को लेकर डीएचओ और किसानों के बीच कहासुनी होने लगी। दोनों ने एक दूसरे पर अभद्रता करने का आरोप लगाया। डीएचओ ने इसकी जानकारी डीएम और सीडीओ को दी तो किसानों ने मामले की जानकारी भाकियू के प्रांतीय महासचिव मुकेश सिंह को दी।
मुकेश सिंह के नेतृत्व में पहुंचे किसानों ने विकास भवन के बाहर धरना शुरू कर दिया और डीएचओ के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे। शाम करीब छह बजे एसडीएम सदर से वार्ता और दोनों पक्षों द्वारा तहरीर दिए जाने के बाद मामला शांत हो गया। लेकिन देर रात पुलिस ने छापेमारी कर संग्राम को उनके घर से उठा लाई। जब इस बात की जानकारी मुकेश सिंह को हुई तो उन्होंने प्रशासन से आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया। फिर क्या था देखते ही देखते पूरा कलेक्ट्रेट किसानों से पट गया।
नाराज किसान डीएचओ का ठीकरा सीडीओ पर फोड़ने लगे और सीडीओ के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसान सीडीओ और डीएचओ के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़ गए। मुकेश सिंह ने कहा कि डीएचओ की तहरीर पर किसान को गिरफ्तार कर लिया जाता है लेकिन किसान की तहरीर पर कोई कार्रवाई नहीं होती है। प्रशासन किसानों के साथ सौतेला व्यवहार कर रहा है जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों ने किसानों से अभद्रता की है उनके खिलाफ जब तक कार्रवाई नहीं होती है किसान कलेक्ट्रेट से हटेंगे नहीं। उधर प्रशासन ने जिले के सभी थानों की फोर्स को बुला लिया। दोपहर तक पूरा कलक्ट्रेट परिसर छावनी में तब्दील हो गया था। इस मौके पर जिलाध्यक्ष अनिल कुमार वर्मा, अनुपम वर्मा, बब्लू वर्मा, लायक राम आदि मौजूद रहे।