बाराबंकी। सरयू की बाढ़ से घिरे रामनगर व सिरौलीगौसपुर के 50 से अधिक गांवों में तबाही का मंजर है। गांवों में पिछले चार दिन से पानी भरा है। इटहुआ पूर्व गांव पूरा नदी में समा चुका है तो तेलवारी समेत आधा दर्जन गांव नदी के निशाने पर है। शनिवार को एल्गिन ब्रिज पर सरयू नदी का जलस्तर 106.246 मीटर दर्ज हुआ जो खतरे के निशान से करीब 17 सेमी ऊपर है।
कुछ गांवों में लोग अभी भी गांव में मचान बनाकर रह रहे हैं वहीं तमाम परिवार नाव पर सामान लादकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंच रहे हैं। घर व फसल गवां चुके सैकड़ों परिवार नदी के किनारे बांध व अन्य स्थानों पर बसर कर रहे हैं। बांध पर बसे बाढ़ पीड़ित प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराए जाने वाले भोजन व राहत पर निर्भर है। जबकि सड़क किनारे व अन्य जगहों पर आश्रय ले चुके कई परिवार ऐसे है जिन्हें कोई मदद नहीं मिल सकी है।
इटहुआ गांव के पास 15 बीघा जमीन नदी में और समा गई है। वहीं, नदी के उस पार बसे जमका, खुज्झी, फाजिलपुर, परशुरामपुर गांव भगवान भरोसे ही हैं। एसडीएम अनुराग सिंह ने बताया कि बाढ़ पीड़ितों को पका पकाया भोजन दिया जा रहा है। राजस्वकर्मी तैनात कर दिए गए हैं।