कोटवाधाम। चार दिन थमने के बाद कटान फिर तेज हो गया है। करीब डेढ़ माह से किसानों की जमीन निगल रही सरयू अब घुटरू से मनीरामपुरवा तक खेतों और फसलों को काट रही है। इससे सिरौलीगुंग और कोठीडीहा के किसानों की चिंता बढ़ गई है। कटान के चलते ग्रामीणों को गांवों के अस्तित्व पर संकट मंडराने का डर सता रहा है।
किसानों का कहना है कि दो दिनों से खेतों में खड़ी फसल के साथ उपजाऊ जमीन भी नदी में समा रही है। तेज धारा के कारण मिट्टी के बड़े-बड़े टीले और नदी किनारे के कगार भरभराकर गिर रहे हैं। कप्तान सिंह, गोविंद सिंह, मंसाराम, राजपाल यादव, नितिन और गुड्डू सिंह ने बताया कि समय रहते कटान रोकने के ठोस इंतजाम नहीं किए गए। ऐसे में बचे हुए खेतों के भी नदी में समाने का खतरा है। बाढ़ खंड के पास कटान रोकने के लिए फिलहाल कोई परियोजना नहीं है।
उपजिलाधिकारी सिरौलीगौसपुर अनिल कुमार सरोज ने बताया कि नदी का बहाव कम होने पर कटानरोधी कार्य कराया जाएगा। इसके लिए परियोजना शासन को भेजी गई है।