बाराबंकी। अतिवृष्टि से फसलों को हुए नुकसान, किसानों को मुआवजा देने और कृषि योजनाओं की प्रगति की समीक्षा शुक्रवार को जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने कलेक्ट्रेट स्थित लोक सभागार में की। बैठक में कृषि, गन्ना, उद्यान, पशुपालन और मत्स्य विभाग के अधिकारी शामिल हुए।
जिलाधिकारी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय से अतिवृष्टि प्रभावित फसलों का सर्वेक्षण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि फसलों की क्षति का आकलन कर पात्र किसानों को नियमानुसार प्राथमिकता पर मुआवजा दिया जाए।
उन्होंने कहा कि प्रभावित किसानों को राहत दिलाना प्रशासन की प्राथमिकता है। इस कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सर्वेक्षण और राहत संबंधी कार्यवाही समयबद्ध तरीके से पूरी की जाए।
उन्होंने उद्यान विभाग को आलू विकास योजना के तहत पात्र किसानों को लाभान्वित करने और अतिवृष्टि से प्रभावित केला किसानों को भी मुआवजा दिलाने के निर्देश दिए। पशुपालन विभाग को नंद बाबा दुग्ध मिशन और कुक्कुट विकास नीति के तहत संचालित योजनाओं का लाभ पात्रों तक पहुंचाने के लिए कहा।
इस मौके पर सीडीओ पंकज वर्मा, संयुक्त मजिस्ट्रेट गुंजिता अग्रवाल, उमेश कुमार और राजितराम मौजूद रहे।
जिलाधिकारी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपजिलाधिकारियों के साथ फसल आपदा राहत की समीक्षा की। उन्होंने फसलों की क्षति के विवरण की पोर्टल पर शत-प्रतिशत फीडिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निर्धारित मानकों के अनुरूप क्षति का पूरा विवरण दर्ज किया जाए, ताकि पात्र किसानों को राहत मिलने में अनावश्यक देरी न हो।