बाराबंकी में मंगलवार को जिला अस्पताल इमरजेंसी को ट्राॅमा सेंटर की बिल्डिंग में शिफ्ट करवाते सीएमएस।
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नए भवन में मंगलवार से से आपातकालीन इलाज मिलना शुरू हो गया है, लेकिन मरीज इसे ट्रॉमा सेंटर न समझें। गंभीर हालत में आने वाले मरीजों को अब भी ट्रॉमा सेंटर लखनऊ ही ले जाना पड़ेगा।
फिलहाल इमरजेंसी को ही ट्रॉमा सेंटर की बिल्डिंग में शिफ्ट किया गया है। नए भवन में इमरजेंसी के शिफ्ट होने पर मरीजों को खास सतर्कता बरतनी पड़ेगी, नहीं तो वहां पर सक्रिय दलाल उन्हें ट्रॉमा सेंटर जैसी सुविधाएं देने के नाम पर शिकार बना सकते हैं।
जिला अस्पताल के सीएमएस ने शासन से आदेश मिलते ही मंगलवार को इमरजेंसी को ट्रॉमा सेंटर के नवीन भवन में स्थानांतरित करवा दिया। हालांकि ट्रॉमा सेंटर में अब तक पांच चिकित्सकों डॉ. एसके सिंह, डॉ. एसबी सिंह, डॉ. अजय सिंह, डॉ. मुदित मेहरोत्रा व डॉ. राघवेंद्र व टेक्नीशियन रणविजय समेत दो लोगों की तैनाती हो चुकी है।
कई प्रकार की कमियां पूरी होने में समय लगता देख शासन ने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि जहां इमरजेंसी के भवन जर्जर पड़े हैं और ट्रॉमा सेंटर का निर्माण पूरा हो चुका है वहां की इमरजेंसी को ट्रॉमा सेंटर के भवन में शिफ्ट कर दिया जाए। आदेश मिलते ही सीएमएस डॉ. एसके सिंह ने मंगलवार को इमरजेंसी ट्रॉमा सेंटर के नवीन भवन में शिफ्ट करा दिया।