संवाद न्यूज एजेंसी सिरौलीगौसपुर (बाराबंकी)। एक ही कैंपस में दो अस्पताल चल रहे हैं, मगर एक अस्पताल में मरीजों की भीड़ रहती है, जबकि दूसरे में पर्याप्त सुविधाएं और संसाधन होने के बाद भी मरीज अस्पताल की ओर रुख नहीं कर रहे हैं। सीएचसी के प्रसव कक्ष की बिजली एक सप्ताह से खराब है, लेकिन जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। इससे यहां आने वाली प्रसूताओं का उपचार मोबाइल की रोशनी में किया जा रहा है।
सिरौलीगौसपुर तहसील में एक ही कैंपस में दो अस्पताल हैं। यहीं पर सीएचसी है और 100 बेड का संयुक्त चिकित्सालय भी इसी परिसर में संचालित हो रहा है। सीएचसी के प्रसव कक्ष की बिजली एक सप्ताह से गुल है, जिसके चलते यहां प्रसूताओं का उपचार मोबाइल की रोशनी में किया जा रहा है। सोमवार की रात करीब आठ बजे प्रसव पीड़ा पर निष्ठापुरवा निवासी आकाश अपनी पत्नी ममता को सीएचसी लेकर पहुंचा, जहां ड्यूटी पर तैनात एएनएम ने मोबाइल की रोशनी में प्रसव कराया।
बताया कि करीब एक सप्ताह पहले प्रसव कक्ष की वायरिंग शाॅर्ट हो गई थी, जिसके चलते न तो पंखे चल पा रहे हैं और न ही रोशनी मिल रही है। मजबूरन मोबाइल की रोशनी में मरीजों की देखभाल करनी पड़ती है। इस बाबत सीएचसी अधीक्षक डॉ. संतोष सिंह ने बताया कि शाॅर्ट सर्किट की वजह से प्रसव कक्ष की वायरिंग खराब हो गई थी, जिसे सही कराया जा रहा है।