बाराबंकी। बरसात के बाद बिजली की मांग कम होने से हालात सुधरने की उम्मीद थी मगर जिले की बिजली व्यवस्था और बेपटरी हो गई। कोटवासड़क उपकेंद्र में फेस उड़ने व जैदपुर में इनकमिंग बाक्स फटने से 260 गांवों में बिजली गुल रही। वहीं शहर में रात में रात को छह घंटे तो दिन में भी करीब पांच घंटे कटौती हुई। पांच पांच मिनट पर बिजली आती जाती रही। पूरा शहर इससे बेहाल रहा।
रामसनेहीघाट डिवीजन के कोटवासड़क उपकेंद्र को गई मुख्य लाइन का फेस शुक्रवार रात करीब 12 बजे उड़ गया। इससे सुरजवापुर, लालपुर राजपुर, हथौधा, दरोगा किठूरी, लक्षनगंज, लोधे सिंह पुरवा, गडरियनपुरवा, सोहिलपुर, सुक्लनपुरव समेत करीब 150 गांव की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। शनिवार को पूरा दिन भी फाॅल्ट दुरुस्त नहीं हो सका जिससे करीब डेढ़ लाख आबादी को परेशानी झेलनी पड़ रही है। वहीं सैदखापुर एवं सोहासा मजरे दुल्लापुर में खेत में ट्यूबवेल के लिए बल्ली के सहारे बिजली के तार गए हैं जो लटकते रहते हैं। लटक रहे बिजली के तार लोगों के लिए खतरा बने हैं।
वहीं, जैदपुर के बिजली उपकेंद्र में शुक्रवार रात करीब 12 बजे इनकमिंग बाक्स अचानक फट गया। जिससे जैदपुर कस्बा व ताड़पुरवा, गढ़ी राखमऊ, गोठिया, मौथरी, अजपुर, याक़ूतगंज, खुशहालपुर समेत 110 गांव की आपूर्ति ठप हो गई। रामसनेहीघाट व लखनऊ से आए इंजीनियरों की टीम ने मशक्कत के बाद फाॅल्ट दुरुस्त किया। इस दौरान करीब 16 घंटे बाधित रही। लेकिन फाल्ट सही होने के बाद भी बिजली बार-बार फिर आती जाती रही।
एसडीओ प्रहलाद कुमार ने बताया कि सबस्टेशन के एक इनकमिंग बाक्स फटने से परेशानी हुई। उधर देवीगंज उपकेंद्र के 200 से अधिक गांवों में शनिवार को पूरा दिन बिजली कटौती हुई। गांवों में हो रहे फाल्ट से दो लाख की आबादी प्रभावित हुई। शहर में शुक्रवार रात नौ बजे बिजली गुल हुई तो रात तीन बजे आई। कुछ मोहल्लों में ही आपूर्ति हुई। शनिवार को पूरा दिन पांच घंटे की कटौती के अलावा बार बार बिजली का आना जाना परेशानी का सबब बना रहा।