बाराबंकी। लाइसेंसी शस्त्र के दुरुपयोग संबंधी डीएम कोर्ट में लंबित मामलों की सुनवाई अब तेजी पकड़ने लगी है। इसके चलते ही बीते तीन साल से लंबित चल रहे शस्त्र दुरुपयोग संबंधी आठ मुकदमों का निस्तारण करते हुए कोर्ट ने आठ शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने का आदेश जारी किया है। इससे लाइसेंसी शस्त्रधारकों में हड़कंप है।
हत्या जैसे मामलों में लाइसेंस शस्त्र के दुरुपयोग संबंधी मामलों की सुनवाई बीते दो से तीन सालों से डीएम कोर्ट में लंबित चल रही थी। डीएम शशांक त्रिपाठी ने ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए इनके निस्तारण के लिए पुलिस की ओर से भेजी गई आख्या का तथ्यात्मक परीक्षण अपने स्तर से कराया। साथ ही अभियोजन पक्ष को भी इन मामलों की प्रभावी पैरवी करने के लिए प्रेरित किया। इसके चलते ही बीते कुछ माह में आठ शस्त्रों के लाइसेंस को निरस्त करने की कार्रवाई कोर्ट द्वारा की गई है।
कुर्सी थाने के लोहारपुर गांव के युनुस की दो नाली बंदूक लाइसेंस निरस्त करने का मुकदमा पुलिस ने नवंबर 2023 में दाखिल किया था, जिसे 22 मार्च को रद्द करने का आदेश दिया। इसी गांव के इदरीश की भी दो नाली बंदूक का लाइसेंस 12 जून को रद्द किया। इन दोनों ने गांव के मामूली झगड़े में लाइसेंसी बंदूकों का दुरुपयोग किया था। जैदपुर थाने के इंधोलिया के रहने वाले अमरजीत के रिवाल्वर का लाइसेंस दो जून को रद्द किया गया। इसी तरह रामनगर थाने के गौराचक के हरिओम की बंदूक का लाइसेंस हत्या के एक मामले में शामिल होने के कारण 26 मई को निरस्त किया गया। इसी तरह बीते कुछ माह में अब तक आठ शस्त्रों के लाइसेंस दुरुपयोग के कारण निरस्त किए जा चुके हैं। (संवाद)
शस्त्र लाइसेंस का दुरुपयोग गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। इसलिए ऐसे मामलों को ज्यादा दिन टालने के बजाए शीघ्र निस्तारण की कोशिश की जा रही है। पुलिस को भी निर्देशित किया गया है कि जहां कहीं भी किसी के द्वारा शस्त्र लाइसेंस के दुरुपयोग की बात सामने आए, उसे नजर अंदाज न किया जाए।
शशांक त्रिपाठी, डीएम