कोटवाधाम। कस्बे के बसंता फूफू मैदान में आयोजित श्रीराम कथा में मंगलवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी। इस मौके पर नैमिषधाम से पधारे कथा व्यास द्वारिकानंद महाराज ने भगवान के वामन अवतार का मनमोहक वर्णन किया। इस पावन प्रसंग को सुनकर पूरा पंडाल भक्ति-भाव से सराबोर हो गया। कथा व्यास ने बताया कि राजा बलि का अहंकार चूर करने के लिए भगवान ने वामन स्वरूप लेकर तीन पग में पूरा ब्रह्मांड नापा था।
उन्होंने बताया कि बालक रूप में वामन देव, बलि के यज्ञ में पहुंचे और केवल तीन पग भूमि दान में मांगी। अपने बल और दानवीरता के अहंकार में चूर बलि ने तुंरत तीन पग भूमि देने का वचन दे दिया। गुरु शुक्राचार्य के चेतावनी देने पर भी बलि अपने वचन से पीछे नहीं हटे। तत्पश्चात वामन देव ने विराट रूप धरकर पहले पग में पूरी धरती और दूसरे में आकाश नाप लिया।
तीसरे पग के लिए स्थान न बचने पर बलि ने अपना सिर प्रभु के चरणों में समर्पित कर दिया। भगवान ने बलि के अहंकार का दमन कर उसे अपना परम भक्त बना लिया। कथा में केदारनाथ , त्रिवेणी ा, पूर्णमासी आदि उपस्थित रहे।