बाराबंकी। जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने हैदरगढ़ तहसील के ग्राम ओहरामऊ और नगर पंचायत हैदरगढ़ का निरीक्षण किया। उन्होंने जल जीवन मिशन के तहत कराए गए कार्यों और निर्मित पानी की टंकी का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने ग्राम प्रधानों और ग्रामीणों से संवाद कर वास्तविक स्थिति का आकलन किया।
डीएम ने पाइपलाइन बिछाने के दौरान खोदी गई सड़कों के पुनर्स्थापना कार्यों का भी निरीक्षण किया। कई स्थानों पर सड़क मरम्मत कार्य असंतोषजनक पाए जाने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन ग्रामों में 80 फीसदी से अधिक कार्य पूर्ण हो चुके हैं, वहां नोडल अधिकारी नामित कर सत्यापन कराया जाए। यह सत्यापन जांच सूची के आधार पर होगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जहां सड़कों को पूर्व स्थिति में नहीं लाया गया है, वहां तत्काल कार्य पूर्ण कराकर गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी ने नगर पंचायत हैदरगढ़ में भी सड़क पुनर्स्थापना कार्य संतोषजनक न पाए जाने पर नाराजगी जताई। उन्होंने सड़कों को गुणवत्तापूर्ण ढंग से पुनर्स्थापित कराने के निर्देश दिए।
कार्यों की निगरानी और जवाबदेही
ग्रामीण क्षेत्रों में इस कार्य की निगरानी संबंधित उपजिलाधिकारी और खंड विकास अधिकारियों द्वारा की जाएगी। शहरी क्षेत्रों में उपजिलाधिकारी और संबंधित नगर निकाय के अधिशासी अधिकारियों द्वारा निगरानी होगी। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। जल जीवन मिशन जैसी महत्वपूर्ण योजना में गुणवत्ता, समयबद्धता और जनसुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
गुणवत्ता और सत्यापन के निर्देश
जिलाधिकारी ने कहा कि कार्यों में किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने 80 फीसदी से अधिक पूर्ण परियोजनाओं के सत्यापन के लिए नोडल अधिकारी नामित करने के निर्देश दिए। यह सत्यापन एक निर्धारित जांच सूची के आधार पर होगा। निरीक्षण के दौरान एसडीएम राजेश विश्वकर्मा सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।