बाराबंकी। आधुनिक सुविधाओं से लैस डबल डेकर बसों का संचालन यात्रियों की कमी के चलते प्रभावित हो रहा है। अंतरजनपदीय बस स्टेशन से संचालित चार डबल डेकर बसों में से फिलहाल केवल दो बस ही नियमित रूप से चल रही है। कम सवारियां मिलने और सामान्य बसों की तुलना में अधिक समय लगने के कारण यात्रियों का रुझान इन बसों से घट गया है। इससे परिवहन निगम के सामने इनके संचालन को लेकर नई चुनौती खड़ी हो गई है।
जिले में रोडवेज बेड़े को आधुनिक बनाने के उद्देश्य से पिछले वर्ष आठ इलेक्ट्रिक डबल डेकर बसें उपलब्ध कराई गई थीं। हालांकि चार्जिंग स्टेशन न होने के कारण लंबे समय तक इनका संचालन शुरू नहीं हो सका। बाद में चार्जिंग स्टेशन तैयार होने पर दो बसें कमता-एयरपोर्ट और दो बसें लखनऊ-अयोध्या मार्ग पर चलाई गईं।
शुरुआती दिनों में यात्रियों ने इन बसों को अच्छी प्रतिक्रिया दी लेकिन समय के साथ इनकी लोकप्रियता कम होती गई। अभी भी चार डबलडेकर बसें कार्यशाला में खड़ी हैं।
केंद्र प्रभारी एके अवस्थी ने बताया कि डबल डेकर बसों की अधिकतम गति 50 किमी प्रति घंटा है, जबकि ट्रैफिक और भीड़भाड़ के कारण ये औसतन 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ही चल पाती हैं। इससे यात्रा का समय बढ़ जाता है। जल्द पहुंचने की इच्छा रखने वाले यात्री सामान्य बसों को प्राथमिकता दे रहे हैं। वर्तमान में एक डबल डेकर बस में औसतन केवल 20 से 22 यात्री ही सफर कर रहे हैं, जबकि इसकी क्षमता 64 यात्रियों की है।
शहर के अंदर से होकर संचालित होंगी बसें
यात्रियों की सुविधा और संख्या बढ़ाने के लिए डबल डेकर बसों का संचालन शहर के अंदर होकर कराया जाएगा। केंद्र प्रभारी एके अवस्थी ने बताया कि इसको लेकर सर्वे हो चुका है। बसों के संचालन में बाधा बन रहे पेड़ आदि की टहनियों की कटाई कराई जाएगी। मौजूदा समय में दो डबल डेकर बसों का संचालन लखनऊ अयोध्या हाईवे से होकर हो रहा है।
देवा के लिए बस चलाने की तैयारी
अयोध्या रूट पर चलने वाली डबल डेकर बस में यात्रियों की संख्या कम होने के कारण अब लखनऊ से देवा के लिए बस संचालन की तैयारी की जा रही है। अधिकारियों की मानें तो लखनऊ एआरएम विमल राजन ने अफसरों से विचार विमर्श कर डबल डेकर बस को छोटे रूट पर भी चलाने का निर्णय लिया है।
अंतरजनपदीय बस स्टेशन से संचालित चार डबल डेकर बसों में से फिलहाल केवल दो बस ही नियमित रूप से चल