बाराबंकी। जिले के सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र में परिवहन सुविधाओं की कमी के कारण स्थानीय निवासियों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रोडवेज का बस स्टेशन न होने से तहसील मुख्यालय से 40 से 50 किलोमीटर के दायरे में स्थित ढाई सौ से अधिक गांवों के लोग आज भी नियमित बस सेवा से वंचित हैं। इसका सीधा फायदा इलाके में सक्रिय डग्गामार वाहन मनमाना किराया वसूल कर उठा रहे हैं।
बाराबंकी से कुछ अनुबंधित बसें सिरौलीगौसपुर के लिए जाती थी लेकिन अनुबंध समाप्त होने के बाद से इनका संचालन भी बंद हो गया है। इसके चलते पूरे तहसील क्षेत्र में 500 से अधिक डग्गामार वाहन नियम कानून दर किनार कर बिना अनुमति के फर्राटा भर रहे हैं। चौखंडी संपर्क मार्ग की जर्जर स्थिति और मरकामऊ में जलभराव जैसी समस्याएं भी आवागमन में बाधा उत्पन्न कर रही हैं। 1991 में सिरौलीगौसपुर तहसील का गठन कर रामसनेहीघाट और रामनगर तहसील क्षेत्रों के गांवों को इसमें शामिल किया गया था। इसके बावजूद सार्वजनिक परिवहन की सुविधा अभी तक बदहाल है।
एआरएम जमीला खातून का कहना है कि असेवित गांवों कोे परिवहन की सुविधा से जोड़ने के लिए सर्वे हो चुका है। इसके लिए कई रूट चिन्हित किए गए हैं ताकि ग्रामीणों को सुरक्षित और सुलभ परिवहन सुविधा मुहैया कराई जा सके।