कोटवाधाम/निंदूरा। नहर विभाग द्वारा कराई गई माइनरों और रजबहों की साफ-सफाई अब किसानों पर भारी पड़ती नजर आ रही है। कई जगहों पर अधूरी और सफाई में लापरवाही के कारण पानी आते ही नहरें उफना गईं और माइनर कटने से सैकड़ों किसानों की खड़ी फसलें जलमग्न हो गईं। किसानों का आरोप है कि ठेकेदारों ने केवल दिखावटी सफाई कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया, जिसका खामियाजा अब उन्हें भुगतना पड़ रहा है।
सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र में शारदा सहायक डबल नहर से निकली श्यामनगर-खजुरी माइनर की हाल ही में सफाई कराई गई थी। पानी आने पर माइनर कट गई, जिससे खजुरी गांव के मंसाराम तिवारी, ननकू कश्यप, शैलेंद्र सिंह, पुणेन्दु सिंह, कृष्ण वीर, रामनारायण तिवारी समेत कई किसानों की करीब 60 बीघा सरसों और गेहूं की फसल डूब गई। शिकायत पर एसडीएम सिरौलीगौसपुर ने लेखपाल को मौके पर जांच के लिए भेजा है। वहीं निंदूरा क्षेत्र में सीतापुर के सरौरा जकसन से निकली बिसाई नहर की टेल तक सफाई न होने से पानी आते ही नहर उफना गई। इससे मिर्जापुर, बिसाई, पीरानगर और पकरियापुर गांवों के लगभग एक दर्जन किसानों की 40 बीघा गेहूं, सरसों और आलू की फसल जलमग्न हो गई। किसान रामप्रताप रावत, रामसेवक यादव, गुड्डू यादव, भरोसे, संजय, रामू, रामप्रवेश, प्रदीप यादव, रामस्वरूप, उदय रावत और रामचंद्र ने बताया कि पिछले एक महीने से नहर विभाग द्वारा रजबहों और माइनरों की सफाई कराई जा रही थी, लेकिन कई जगह केवल वहीं तक काम किया गया जहां तक नजर जाती है। अवर अभियंता राजीव कुमार ने बताया कि पानी बंद करा दिया गया है और जहां सफाई बाकी रह गई थी, वहां जेसीबी मशीन लगाकर टेल तक सफाई कराई जा रही है।