बाराबंकी। वीआईपी कॉलोनी शालीमार पैराडाइज में ठेकेदार अजय बघेल के विला में हुई एक करोड़ के जेवरात व लाइसेंसी असलहा की चोरी में 48 घंटे बाद पुलिस ने जांच का दायरा और सख्त कर दिया है। करोड़ों के जेवरात पार करने वाली इस वारदात में अब शक की सुई घर के भीतर आने-जाने वाले लोगों पर टिक गई है। पुलिस ड्राइवर को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
पुलिस ने पिछले 10 दिनों का सीसीटीवी फुटेज कब्जे में लेकर उसकी बारीकी से जांच शुरू कर दी है। शुरुआती तीन दिनों के फुटेज में ड्राइवर का विला में आना-जाना साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। इसी आधार पर पुलिस ने ड्राइवर से लंबी पूछताछ की है और उसके बयानों का लगातार सत्यापन किया जा रहा है। पूछताछ में ड्राइवर ने बताया कि वह विला में केवल नीचे तक ही जाता था और ऊपर बने कमरों में कभी नहीं गया। हालांकि, पुलिस उसके इस दावे को पूरी तरह मानने के बजाय तकनीकी साक्ष्यों से मिलान कर रही है।
जांच में यह भी सामने आया है कि ठेकेदार ने अपने मकान की चाबी एक परिचित को दी थी, ताकि सफाईकर्मी आने पर उन्हें चाबी उपलब्ध कराई जा सके। चाबी की डुप्लीकेट कॉपी बनवाए जाने की आशंका जताई जा रही है, जिसे पुलिस जांच का अहम बिंदु मानकर आगे बढ़ रही है। इस सनसनीखेज चोरी में हीरे और सोने के कई कीमती हार चोरी हुए हैं, जिनमें अजय बघेल की मां द्वारा उनकी बेटी को दिया गया हीरे का हार भी शामिल है।
एसपी अर्पित विजयवर्गीय ने बताया कि 27 अप्रैल को जब सीसीटीवी कैमरे बंद हुए, उसके बाद विला के आसपास किसकी लोकेशन रही, तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा है। ड्राइवर को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।