बाराबंकी। अयोध्या-लखनऊ हाईवे किनारे स्थित राजकीय उद्यान उधौली को हाईटेक नर्सरी बनाने का कार्य अधूरा है। पॉली हाउस में अभी तक टपक सिंचाई की व्यवस्था नहीं हो पाई है, जिससे कार्य में तेजी नहीं आ सकी। वर्ष 2024 में इस परियोजना के लिए दो करोड़ नौ लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई थी।अप्रैल 2024 में कार्य का पहला चरण शुरू हुआ था। इसमें सोलर पंप, विद्युत संचालित पंप और पूरे उद्यान में पक्की नालियों का निर्माण शामिल था। मई 2024 में दूसरे चरण में ग्रीन नेट हाउस और गोदाम बनाए गए। केले व औषधीय पौधों की नर्सरी के लिए पॉली हाउस का निर्माण भी शुरू हुआ। यह कार्य जनवरी 2025 तक पूरा कर लिया गया था।
पूरे उद्यान में आरसीसी मार्ग बनाकर हाईवे पर प्रवेश द्वार भी लगाया गया। पॉली हाउस में टपक सिंचाई की व्यवस्था अभी भी अधूरी है। उधौली राजकीय उद्यान लगभग 24 बीघे क्षेत्र में फैला हुआ है। उधौली नर्सरी पिछले 50 वर्षों से आम, अमरूद, आंवला, नींबू, कटहल और लीची के पौधों के लिए जानी जाती है। वर्तमान में यहां अरुणिमा और आम्रपाली आम के पौधों की अच्छी नर्सरी बन चुकी है। अरुणिमा आम के पौधे लगाने के दूसरे वर्ष ही फल देने लगते हैं।
उद्यान विभाग की मंशा है कि महिलाएं पॉली हाउस में सब्जियों के बीज तैयार करें। साथ ही केले और औषधीय पौधों की नर्सरी भी तैयार की जाए। यह परियोजना उद्यान को आधुनिक बनाने के लिए शुरू की गई थी लेकिन टपक सिंचाई की कमी से यह उद्देश्य प्रभावित हो रहा है। उद्यान निरीक्षक सौरभ कुमार सिंह का कहना है कि सोलर पंप की स्थापना सिंचाई के लिए की जा चुकी है। टपक सिंचाई की संयंत्र के बिना भी सिंचाई अच्छी तरह से हो जाएगी।