बाराबंकी। पूर्वोत्तर रेलवे के सबसे व्यस्त रेल मार्गों में शामिल बाराबंकी-छपरा रेलखंड पर चौथी रेलवे लाइन बिछाने का रास्ता साफ हो गया है। करीब दो वर्षों से चल रही तैयारी के बाद पूर्वोत्तर रेलवे द्वारा तैयार की गई विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को रेलवे बोर्ड ने मंजूरी दे दी है। परियोजना के लिए बजट स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है।
बाराबंकी से छपरा तक लगभग 425 किलोमीटर लंबे इस रेलखंड को हाई डेंसिटी नेटवर्क रूट घोषित किया गया है। वर्तमान में इस मार्ग पर प्रतिदिन लगभग 190 ट्रेनों का संचालन होता है, जिससे लाइन की क्षमता पर लगातार दबाव बना रहता है। पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सुमित कुमार के अनुसार इस मार्ग पर चौथी लाइन बिछने से ट्रेनों के संचालन में सुगमता आएगी और उनकी औसत गति बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। इससे यात्रियों को समयबद्ध यात्रा का लाभ मिलेगा, वहीं मालगाड़ियों के संचालन में भी सुधार होगा। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक इस रूट पर पहले ही लगभग 81 किलोमीटर लंबे हिस्से में तीसरी लाइन का निर्माण किया जा चुका है। चौथी लाइन के निर्माण के बाद रेलखंड पर दो अप और दो डाउन लाइन उपलब्ध होंगी।
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अब 2027 के बजट पर निगाहें
रेलवे के आंकड़ों के अनुसार आने वाले वर्षों में इस मार्ग पर यात्री और माल यातायात दोनों में वृद्धि होने की संभावना है। इसी को ध्यान में रखते हुए क्षमता विस्तार की यह योजना तैयार की गई है। अधिकारियों का मानना है कि अब 2027 के बजट पर निगाहें हैं। बजट मिलन के बाद कार्य शुरू होगा।
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फैक्ट फाइल
- बाराबंकी-छपरा रेलखंड की लंबाई : 425 किमी
- वर्तमान में संचालित ट्रेनें : करीब 190 प्रतिदिन
- पहले से निर्मित तीसरी लाइन : करीब 81 किमी
- लाभ : ट्रेनों की रफ्तार और परिचालन क्षमता में वृद्धि
- व्यवस्था : ट्रेनों को दो अप और दो डाउन लाइन उपलब्ध होंगी