बाराबंकी। पुलिस लाइन में एक पुलिसकर्मी के दो साल के बच्चे को चार-पांच कुत्ते घसीट ले गए और काफी देर तक नोचते रहे। उसकी चीख-पुकार सुनकर पिता व अन्य पुलिसकर्मियों ने कुत्तों को भगाया और जिला अस्पताल ले गए जहां से हालत गंभीर देखते हुए लखनऊ रेफर किया गया। परिजनों ने मासूम को लखनऊ के निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी मल्टीपल सर्जरी की गई है। इस घटना से पुलिस लाइन में रहने वाले कर्मचारी और उनके परिवार भयभीत हैं।
एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स द्वारा संचालित एएनटीएफ थाना पुलिस लाइन में संचालित होता है। यहां हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात गौरव तिवारी परिवार सहित शहर में ही किराए के मकान में रहते हैं। शुक्रवार को पुलिस लाइन के परेड ग्राउंड में गणतंत्र दिवस समारोह चल रहा था। गौरव गणतंत्र दिवस समारोह दिखाने के लिए अपने दो साल के बच्चे अथर्व को लेकर पुलिस लाइन आए थे।
वह बच्चे के साथ थाने पर पहुंचे और अंदर किसी काम से चले गए। इस दौरान खेलता हुआ अथर्व थाने के बाहर आया और तभी चार-पांच खूंखार कुत्तों ने अचानक मिलकर उसपर हमला कर दिया। कुत्ते मासूम को घसीटते हुए झाड़ियों की तरफ ले गए। आसपास बेटे को न देखकर गौरव ने उसकी तलाश शुरू की। कुछ ही देर में उसे कुत्तों के भौंकने और बेटे की चीखें सुनाई पड़ीं। साथी पुलिस कर्मियों के साथ वह पास में ही झाड़ियों की ओर गया तो वहां का नजारा देखकर दंग रह गया। कुत्ते मासूम अथर्व को नोच रहे थे। आनन-फानन में कुत्तों को भगाया गया और लहूलुहान बच्चे को लेकर पुलिसकर्मी तुरंत जिला अस्पताल गए। यहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे लखनऊ रेफर कर दिया गया।
परिजनों ने लखनऊ के गोमतीनगर स्थित एसएसएम हॉस्पिटल में भर्ती कराया, जहां पिछले 24 घंटे के दौरान उसकी कई सर्जरी की गई हैं। मासूम के हाथ-पैर, पेट से लेकर चेहरे तक गहरे घाव हैं, जिन्हें देखकर हर किसी की रूह कांप रही है। एएनटीएफ के सब इंस्पेक्टर सूरज सिंह ने बताया कि कुत्तों की संख्या करीब चार या पांच थी। वहीं एएसपी उत्तरी सीएन सिन्हा ने बताया कि पूरे मामले की जानकारी कर बच्चे का उचित इलाज कराया जा रहा है।