बाराबंकी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) पर बाॅन्ड के तहत तैनात मेडिकल ऑफिसर्स में वेतन विसंगति को लेकर आक्रोश है। डॉक्टरों का कहना है कि समान डिग्री, बॉन्ड अवधि और भर्ती प्रक्रिया होने के बावजूद उन्हें अलग-अलग वेतन दिया जा रहा है। बॉन्डेड डॉक्टरों को प्रतिमाह करीब 50 हजार से 65 हजार रुपये मिलते हैं, जबकि मेडिकल कॉलेजों में तैनात डॉक्टरों का वेतन एक लाख रुपये या उससे अधिक है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष नीरज सिंह ने बताया कि वेतन में इस असमानता को समाप्त करने और ‘वन बॉन्ड, वन सैलरी’ की मांग को लेकर बाराबंकी के बॉन्डेड मेडिकल ऑफिसर्स मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) को ज्ञापन सौंपेंगे।
उन्होंने बताया कि मांगों को लेकर सोमवार से पूरे उत्तर प्रदेश में अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार और धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। डॉक्टरों का कहना है कि समान योग्यता और सेवा शर्तों के बावजूद वेतन में अंतर दूर किया जाना चाहिए।