मौसम खराब होने की आशंका से किसान एक आलू के भंडारण के लिए कोल्ड स्टोरेज पहुंच रहे हैं। ऐसे में विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि किसान जल्दबाजी में गीला आलू भंडारण न करें। वे खेतों से नमी खत्म होने का इंतजार करें। इसके बाद ही खोदाई करें।
जिला उद्यान अधिकारी जयकरण सिंह का कहना है कि अगर आलू गीला हो तो उसेे छाया में 72 घंटे सुखाने के बाद दागी आलू की छंटाई कराकर भंडारण किया जाए तो वह लंबे समय तक सुरक्षित रह सकता है। इससे आलू कोल्ड स्टोरेज में सड़ने की कगार पर नहीं पहुंचेगा और निकालने पर चमकदार होगा। जिसकी मार्केट वैल्यू भी ज्यादा होगी।
मौसम की भारी बेरुखी से आलू के उत्पादन का गणित गड़बड़ा गया है हालांकि इस बार पिछले वर्ष की अपेक्षा भले ही क्षेत्रफल में बढ़ोतरी हुई है लेकिन उत्पादन में 10-15 प्रतिशत की कमी आई है। पिछले साल करीब 3 लाख 70 हजार मीट्रिक टन का उत्पादन हुआ था जबकि इस बार का अनुमान करीब 3 लाख 30 हजार मीट्रिक टन का है।
आलू की अगेती किस्म की खोदाई करीब 20-25 प्रतिशत होकर होकर मंडी में बिक चुका। इस बार जिले में लगभग 15 हजार आठ सौ हेक्टेअर पर आलू की खेती की गई है। जिसके सापेक्ष इस बार ठंड न पड़ने व झुलसा रोग लगने के कारण आलू के उत्पादन में 10-15 प्रतिशत कमी आई है जिससे इस बार उत्पादन करीब 3 लाख 30 हजार मी टन होने के आसार हैं। पिछली बार आलू का क्षेत्रफल 14 हजार 700 हेक्टेयर था जिसमें 3 लाख 70 हजार मीट्रिक टन आलू का उत्पादन हुआ था।