मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बाढ़ की आपदा से पीड़ित किसी भी व्यक्ति को कोई कष्ट न होने पाए। सरकार इसका पूरा इंतजाम करेंगी। उन्होंने कहा कि बाढ़ से निपटने के अस्थाई समाधान के भी प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। इसी योजना के तहत भ्रमण किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन से लेकर अपने विधायकों और सांसद को बाढ़ पीड़ितों के सेवा में कोई कोताही न बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा की जिला प्रशासन यह सुनिश्चित कराए कि कोई घटना दुुर्घटना न होने पाए। एनडीआरएफ से लगातार संपर्क में रहे और पैसे की कमी पड़ने पर टीआर 27 का प्रयोग करें।
सीएम योगी जिले के बाढ़ से प्रभावित डेढ़ सौ गांवों का हवाई सर्वेक्षण करने के बाद हेतमापुर के पांडेयपुरवा गांव में दो बजकर 27 मिनट पर उतरे। वहां से सीधे बने मंच पर आए। बिना किसी भूमिका के मुख्यमंत्री पहले अपने पार्टी के सांसद, विधायक व नेताओं से मुलाकात की।
इसके बाद संबोधित करते हुए कहा कि आज बाढ़ पीड़ित इलाकों में राहत कार्यों को नई गति देने के लिए ही बाढ़ क्षेत्रों का दौरा कर रहा हूं। सरकार का पूरा प्रयास होगा की किसी पीड़ित को कोई कष्ट न मिलने पाए। इसके लिए जिला प्रशासन को निर्देश दे दिए गए हैं कि पैसों की कमी नहीं है।
खाद्यान्न से लेकर गोवंशों के चारे तक के इंतजाम में कोई कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ जैसी आपदा में जो लोग घर खो चुकें हैं। झोपड़ पट्टी में रहते हैं, कच्चे घर बारिश में बह जाते हैं। उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध कराएं।
लोगों को जन्माष्टी और स्वतंत्रता दिवस की बधाई देते हुए कहा कि भारत की आजादी की संकल्पना भेदभाव रहित अन्याय न हो, जाति संप्रदाय व भ्रष्टाचार की जगह न हो, स्वच्छ और समर्थ भारत बनाने के लिए संकीर्णता छोड़ कर प्रत्येक नागरिक का विकास की सुविधाएं मुहैया कराने का संकल्प लें।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री मुहैया कराई। इस मौके पर सिचाई मंत्री धर्मपाल सिंह, जिले के प्रभारी मंत्री दारा सिंह चौहान, सांसद प्रियंका रावत, विधायक शरद अवस्थी, साकेंद्र वर्मा, सतीश शर्मा, बैजनाथ रावत, उपेंद्र रावत, जिलाध्यक्ष अवधेश श्रीवास्तव, पूर्व विधायक सुंदरलाल दीक्षित, हरगोविंद सिंह मौजूद रहे।