बाराबंकी। डीएम अविनाश कुमार ने एनएचएआई के अधिकारियों से पूछा कि चिह्नित ब्लैक स्पॉट कितने हैं और क्या कार्य हुआ। जवाब नहीं मिला तो उन्हें फटकारते हुए कहा कि तीन दिन में सुधार न हुआ तो स्टेट सड़क सुरक्षा समिति को लिखकर सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना के आरोप में केस दर्ज कराया जाएगा। डीएम के तेवर देख एनएचएआई के अधिकारी बगलें झांकते रहे। क्योंकि पहले से चिह्नित 14 ब्लैक स्पॉट और अवैध कट बंद करने व संकेतक लगाने के आदेश के बावजूद प्रगति शून्य रही।
बैठक में हादसों को रोकने के लिए कराए गए कार्यों की समीक्षा शुरु हुई तो जिम्मेदारों की पोल खुलते देर नहीं लगी। उधर, स्कूल सुरक्षा को लेकर डीएम ने कहा कि ओवरलोड बच्चों को स्कूल भेजने वाले अभिभावकों की जिम्मेदारी तय कर उनसे प्रमाणपत्र लिया जाए। इसके लिए डीआईओएस और बीएसए की समिति गठित की गई। साथ ही टीचर, पैरेंट्स बैठक में स्थानीय थाने के एसएचओ को ओवरलोड स्कूली वाहनों पर अंकुश लगाने के लिए निर्देश दिए जाएं।
लोक सभागार में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक डीएम अविनाश कुमार की अध्यक्षता में शुरु हुई। हर बार की तरह एनएचएआई, परिवहन व लोक निर्माण विभाग के अधिकारी दावे करते रहे। इस पर डीएम ने पूछा कि किस ब्लैक स्पॉट पर हादसे रोकने के लिए क्या काम हुआ, अधिकारियों को जवाब नहीं सूझा। पिछली बैठक में दिए निर्देशों की प्रगति शून्य देख डीएम का पारा चढ़ गया। उन्होंने एनएचएआई के अधिकारियों से कहा कि तीन दिन के भीतर ब्लैक स्पॉट पर सुधार न हुआ तो कठोर कार्रवाई के लिए तैयार रहें। इस मौके पर एनएचएआई के अभियंता सद्दाम हुसैन, सीओ डॉ. वीनू सिंह, एआरटीओ प्रशासन अंकिता शुक्ला, डीआईओएस ओपी त्रिपाठी, बीएसए संतोष देव पांडेय, अधिशासी अभियंता राजीव कुमार राय, ईओ संजय शुक्ला आदि मौजूद रहे।