दिवाली के चलते जिला अस्पताल में डॉक्टर मरीजों से ज्यादा एमआर (मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव) पर ध्यान दे रहे हैं। सरकारी अस्पताल में बाहरी दवा लिखने पर प्रतिबंध होने के बावजूद एमआर बेधड़क डॉक्टर के चैंबर में घुसकर अपनी कंपनी की दवा और गिफ्ट मरीजों के सामने चिकित्सक की दराज में डाल देते हैं। ऐसा ही वाकया शुक्रवार दोपहर जिला अस्पताल में नजर आया। हमारे छायाकार ने जब इसे कैमरे में कैद किया तो संबंधित चिकित्सक भड़क उठे और छायाकार से अभद्रता कर उसे धमकी देने लगे।
बाल रोग विभाग के कक्ष नंबर दो में शुक्रवार दोपहर ड्यूटी पर मौजूद डॉ. एसके सिंह के पास मरीजों से ज्यादा एमआर (मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव) की भीड़ थी। डॉ. सिंह बैठे एमआर से बातचीत में व्यस्त थे और मरीज खड़े अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। कई मरीज तो बिना दिखाए ही लौट गए। इस पल को जब अमर उजाला के फोटोग्राफर ने जैसे ही अपने कैमरे में कैद किया तो बौखलाए डॉक्टर ने अभद्रता करनी शुरू कर दी। डॉक्टर ने अपनी पहुंच का हवाला दे धमकाया।