जिला सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति की बैठक में सांसद ने लापरवाह अधिकारियों को जमकर फटकारा। केंद्रीय योजनाओं के संचालन में बरती जा रही लापरवाही पर भाजपा सांसद का रुख काफी तीखा रहा। उन्होंने समीक्षा के दौरान पाया कि केंद्र सरकार जो पैसा भेज रही है उसका सही से उपयोग नहीं किया जा रहा है। समीक्षा के दौरान कई अधिकारियों को कार्य प्रणाली में सुधार लाने चेतावनी दी।
डीआरडीए के गांधी सभागार में शुक्रवार को जिला सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति की बैठक बुलाई गई थी। बैठक की अध्यक्षता भाजपा सांसद प्रियंका सिंह रावत कर रही थीं। वहीं राज्यसभा सांसद डॉ. पीएल पुनिया भी मौजूद रहे। जिला विकास अधिकारी अखिलेश कुमार ने जिलाधिकारी और सीडीओ की अनुमति के बाद बैठक की कार्रवाई शुरू की।
डीडीओ योजनाओं की प्रगति को गिनाते जा रहे थे। पीएमजेएसवाई के तहत सड़कों के निर्माण में बरती जा रही लापरवाही पर सांसद का पारा चढ़ गया। इससे पहले भाजपा सांसद के तेवर तीखे होते और विभाग के अधिकारी को आडे़ हाथों लेेेतीं, मौके पर मौजूद अधिकारी उस अधिकारी के बचाव में आ गए।
इसके बाद पेयजल योजनाओं की समीक्षा शुरू हुई। जिसमें योजना के संचालन में लापरवाही मिली तो सांसद ने कहा कि अधिकारी केंद्रीय योजनाओं के संचालन में कोई रुचि नहीं दिखा रहे हैं। योजनाओं पर पैसा बर्बाद हो इससे अच्छा है इन योजनाओं को बंद करानेे की सिफारिश कर दी जाए।
बैठक में मौजूद एक जनप्रतिनिधि ने बताया कि हैदरगढ़ की चौबीसी में पानी की टंकी बनी है लेकिन गांव के लोगों को आज तक एक बूंद पानी नसीब नहीं हो सका। सांसद ने कहा कि यही हाल सूरतगंज का है। सांसद को बताया गया कि एक हैंडपंप के रिबोर पर 20 हजार रुपया खर्च होता है। सांसद ने चुटकी लेते हुए कहा कि पैसा जरूर खर्च हो रहा है लेकिन हैंडपंप पानी नहीं दे रहे हैं। इसके बाद अन्य योजनाओं की समीक्षा के दौरान भी सांसद के तेवर तीखे ही रहे।