बाराबंकी। जिला अस्पताल आने वाले मरीज फार्मेसी से दवा लेने के बाद उसे संबंधित चिकित्सक को एक बार अवश्य दिखा ले। क्योंकि फार्मेसी पर दवा बांटने वाले ट्रेनी फार्मासिस्ट इतनी जल्दबाजी में रहते हैं कि वह पेट की जगह पर हार्ट की और बुखार की जगह पर सांस की दवा मरीज को थमा देते हैं। ऐसे में इलाज कराने आए मरीज की हालत सुधरने की जगह बिगड़ भी सकती है।
छुट्टी के बाद बुधवार को अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की भारी भीड़ रही। इसकी वजह से डॉक्टर और अन्य स्टाफ जल्दी-जल्दी मरीजों को देखकर खानापूर्ति करते नजर आया। इस दौरान अस्पताल की फार्मेसी से गलत दवा देने का मामला भी सामने आया। पेट संबंधी बीमारी का इलाज कराने आए एक मरीज को फार्मेसी से हार्ट की बीमारी में इस्तेमाल होने वाली दवा थमा दी गई। दवा का प्रयोग किस प्रकार होेना है यह जानने के लिए जब मरीज डॉक्टर के पास पहुंचा तब पर्चा देखकर डॉक्टर ने उसे बताया कि पेट की जगह हार्ट की दवा मिल गई है। इसके बाद डॉक्टर ने दवा बदलने के लिए मरीज को फार्मेसी भेजा। इससे साफ होता है कि फार्मेसी से मिलने वाली दवा बिना डॉक्टर को दिखाए खाना खतरे से खाली नहीं है।
अस्पताल की फार्मेसी पर दवा देने वाले अधिकांश ट्रेनी फार्मासिस्ट हैं। ऐसे में कई बार मरीजों की भीड़ का दबाव बढ़ने पर उनसे इस तरह की चूक हो जाती है। सीएमएस डॉ. बृजेश कुमार ने बताया कि फार्मेसी से गलत दवा देने की जानकारी मिली है। इसकी जांच करा कर कार्रवाई तय की जाएगी। बुधवार को अस्पताल की ओपीडी में करीब 15 सौ मरीज देंखे गए। इनमें से करीब दो सौ मरीज आई फ्लू के थे।