मौसम में लगातार हो रहे उतार चढ़ाव से आम आदमी परेशान हैं। बीते 24 घंटों में पारा दो डिग्री फिसल कर रविवार को 8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भीषण ठंड में ठिठुर कर बदोसराय कस्बा में एक निशक्त ने रविवार की सुबह दम तोड़ दिया।
बह रही दक्षिणी पूर्वी हवाओं के चलते पूरे दिन धूप के दर्शन नहीं हुए। शाम ढलते ही फिर से गलन बढ़ने लगी। लेकिन कई जगहों पर नहीं जल रहे अलाव से श्रमिकों की मुसीबत बढ़ी रही। तहसील प्रशासन की उपेक्षा के चलते रैन बसेरा भी मवेशियों का डेरा बन गए हैं।
सिरौलीगौसपुर तहसील के कस्बा बदोसराय निवासी रामू लोध (40) की ठंड लगने से मौत हो गई। रामू दोनों पैरों से निशक्त था। मृतक (रामू लोध) के भतीजे मोनू ने बताया कि सुबह चाचा रामू सो कर उठे तो उन्हें ठंड लगने का एहसास हुआ। परिवार के लोगों को इसकी जानकारी दी। इस पर मोनू अलाव जलाने के लिए लकड़ी आदि की व्यवस्था करने लगा। इसी बीच रामू ठंड लगने से अचेत हो गया। परिवारीजन अचेत रामू को उपचार के लिए निजी चिकित्सक के यहां ले जा रहे थे लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई।
मोनू ने बताया कि उसके चाचा रामू की मौत ठंड लगने से ही हुई है। रामू दोनों पैरों से निशक्त था। गरीबी के चलते वह सब्जी बेचकर परिवार का पालन पोषण करता था। इस संबंध में एसडीएम लव कुमार सिंह ने बताया कि घटना की जानकारी मिली है। मामले की जांच कराई जाएगी। मौत ठंड से हुई है तो परिवारीजनाें को नियमानुसार सहायता दिलाई जाएगी। अब तक जनपद में ठंड से पांच मौते हो चुकी हैं।
ठंड से ठिठुरे लोग, जनजीवन रहा बेहाल
रविवार की भोर से ही मौसम का मिजाज काफी सर्द रहा। भोर में भीषण कोहरा रहा। बह रही सर्द हवाएं गरीबों को सुई की तरह चुभती रहीं। गर्म कपड़े में लिपटे लोगों के हौसले भी ठंड के आगे पस्त हो गए। जिससे उनके चेहरे भी ठंड से प्रभावित दिखे। रविवार को न्यूनतम तापमान 24 घंटों में दो डिग्री गिर कर 8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अधिकतम तापमान भी एक डिग्री गिर कर 15 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। ठंड के चलते लोग घरों में ही दुबके रहे। बह रही दक्षिर्णी पूर्वी हवाओं के चलते आसमान में पूरे दिन धुंध छाई रही। जिससे धूप के दर्शन तक नहीं हुए। शाम ढलते ही फिर से गलन शुरू हो गई। जिससे लोग घरों में दुबक गए।
मवेशियों का डेरा बने रैन बसेरा
भीषण ठंड में राहगीरों व आम आदमी को ठंड से बचाने के लिए जगह-जगह रैन बसेरे बने हुए हैं। लेकिन देखरेख के अभाव में इन रैन बसेरों को लाभ आम राहगीरों को नहीं मिल पा रहा है। तहसील प्रशासन का एक रैन बसेरा देवा तिराहा पर बना है। लेकिन प्रशासन की उपेक्षा के चलते यह बसेरा मवेशियों का डेरा बन गया है। रात में मवेशी इसे बसेरे में रहते हैं। इसके अंदर गंदगी के चलते आम आदमी भी अंदर रुकना पसंद नहीं करते।
अलाव नहीं जलने से लोग हो रहे बेहाल
प्रशासन व नगर पालिका प्रशासन लोगों को ठंड से बचाने के लिए अलाव जलवाने के दावे तो कर रहा है। लेकिन अभी भी कई जगहों पर अलाव नहीं जल रहा है। बंकी ब्लॉक के सामने अभी तक अलाव नहीं जला है। देवा तिराहा पर भी यही हालात हैं। रेलवे स्टेशन चौराहा पर भी एक गोल बोटा डाला गया है लेकिन उसमें चिंगारी तक नही। अधिकारियों की उपेक्षा के चलते रात और भोर में श्रमिकों, रिक्शा व टेंपो चालकों के साथ-साथ राहगीरों और देर रात लौटने वाले यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी ठंड से बढ़ रही मुसीबत
बेलहरा। कोहरे व कड़ाके ठंड बढ़ने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। लेकिन प्रशासन द्वारा अलाव जलवाने के प्रबंध नहीं किए गए। रविवार को सुबह कोहरा से वाहनों की रफ्तार मंद रही। बाजार में भी देर से रौनक लौटी। शाम को जल्दी चहल कदमी बंद हो गई। लोग घरों में कैद हो गए। पूरे दिन लोगों को धूप का दीदार नहीं हुआ। ग्रामीणों ने कस्बा मोहम्मदपुर खाला मेन बाजार, लालपुर करौता, झंझरा, बेलहरा, हेतमापुर, सूरतगंज, बेल चौराहा, छेदा आदि गांव में अलाव लगवाने की मांग की है।