बाराबंकी/हैदरगढ़। परिवहन निगम के पंप पर डीजल नहीं मिलने से शनिवार को कई बसों का संचालन थम गया। सुबह डीजल नहीं मिलने से एक या दो चक्कर लगाकर बसें नए बस स्टेशन पर आकर खड़ी हो गईं। शाम तक समस्या बनी रही। अधिकारियों की लापरवाही के चलते यात्रियों को परेशानी के साथ विभाग को भी लाखों की चपत लगी है। निजी पेट्रोल पंप से नकद भुगतान कर डीजल लेने पर बसें चलाई गईं।
बाराबंकी डिपो की अनुबंधित बसें परिवहन निगम के पंप से नियमित डीजल भरवाती हैं, जिसका भुगतान विभाग से बसों को प्रति किमी मिलने वाले भुगतान से काट लिया जाता है। जिले से हैदरगढ़, लखनऊ, फतेहपुर, देवा, रामनगर सहित अन्य मार्गों पर बसों का संचालन किया जाता है। नए बस स्टेशन के पंप पर शनिवार सुबह से डीजल नहीं मिलने पर एक-दो चक्कर लगाकर कई बसें खड़ी हो गईं।
शाम चार बजे तक नए बस स्टेशन पर यूपी 41 एटी 8712 सूरतगंज, यूपी 41 एटी 7985 एतमापुर, यूपी 41 एटी 6343 सुढिय़ामऊ, यूपी 41 एटी 3111 सूरतगंज, यूपी 50 बीटी 3963 रामपुर मथुरा, यूपी 41 एटी 1007 सहित करीब 40 से अधिक बसें डीजल नहीं मिलने से खड़ी रहीं। वहीं यूपी 41 एटी 6245 व यूपी 41 एटी 6053 सहित कई बसों के मालिकों ने बाहर निजी पंप से डीजल भरवाया। बसें नहीं चलने से यात्रियों को परेशानी हुई, वहीं विभाग को यात्री किराया व डीजल से होने वाली आय का नुकसान हुआ है।
इस बारे में अधिकारी कुछ घंटों में व्यवस्था सुधरने का दावा करते रहे, लेकिन शाम तक बस स्टेशन पर बिना डीजल के खड़ी बसें हकीकत बयां कर रही थीं। हैदरगढ़ गईं कई बसें डीजल न होने से खड़ी हो गईं। नकद भुगतान कर डीजल भरवाने के बाद बसों का संचालन हो सका। प्रभारी एआरएम मनोज शर्मा का कहना है कि आईओसी कानपुर से आने वाला डीजल सुचारु रूप से नहीं पहुंच सका। सुबह दिक्कत रही, लेकिन बाद में डीजल की समस्या दूर हो गई और सभी बसों को डीजल देकर संचालन कराया गया।