बाराबंकी। आईजीआरएस पोर्टल पर की गईं शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर डीएम ईशान प्रताप सिंह ने कड़ा रुख अपनाया है। समीक्षा में 30 प्रतिशत लोगों के असंतुष्ट पाए जाने पर उन्होंने अधिकारियों को मौके पर जाकर शिकायत का समाधान करने और फरियादी के संतुष्ट होने पर ही रिपोर्ट लगाने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने सुधार न होने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है। पोर्टल पर प्रतिमाह औसतन 15,400 शिकायतें आती हैं, जिनमें से 12 से 13 हजार का निस्तारण होने के बावजूद 2,500 से 3,000 शिकायतें लंबित रह जाती हैं। इनमें सबसे अधिक शिकायतें बिजली और जल निगम की हैं।
इस माह बिजली विभाग की 34, कृषि की 21, जल निगम की 20, राजस्व की 17, पंचायती राज की 09, समाज कल्याण व पूर्ति विभाग की 08-08, स्वास्थ्य की 07, शिक्षा, ग्राम्य विकास, डूडा और प्रोबेशन विभाग की 5-5 तथा परिवहन विभाग की 3 शिकायतें समय सीमा के भीतर लंबित हैं, जिस पर डीएम ने गहरी नाराजगी जताई है।
हैदरगढ़ के सीठूमऊ निवासी विकास द्विवेदी ने 14 जुलाई 2026 को ग्राम पंचायतों विकास कार्यों में मनमानी व धांधली की शिकायत की थी, जो जांच के अभाव में अटका है। कुर्सी के महमूदपुर बनौगा निवासी पूनम देवी ने 30 सितंबर 2026 को दादा-दादी का मृत्यु प्रमाण पत्र न बनने की शिकायत की थी। डीएम के निर्देश के बावजूद निस्तारण नहीं हो सका है।
अपर जिलाधिकारी निरंकार सिंह ने कहा कि शिकायतों का समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण अनिवार्य है। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।