कौमी एकता, शांति व सद्भाव के प्रतीक हाजी वारिस अली शाह की धरती पर लगने वाले मेले का बुधवार को परंपरागत तरीके से शुभारंभ हो गया। आस्था के इस महाकुंभ का उद्घाटन जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र की पत्नी डॉ. सुधा मिश्रा ने शेख मोहम्मद हसन गेट पर पीएसी बैंड की सुमधुर धुनों के बीच फीता काट कर किया। इसके पश्चात शांति के प्रतीक सफेद कबूतर उड़ाकर गंगा-जमुनी तहजीब के इस महा उत्सव का पारंपरिक अवलोकन किया। बैंड-बाजे व संगीत की मधुर धुन के बीच कदमताल करते विशिष्ट जन इस नायाब पल के साक्षी बने। इस दौरान रोशनी से जगमगाती मजार, सजी दुकानें व जगमग मेला परिसर 11 दिनों तक अपनी अनूठी छाप छोड़ने के लिए तैयार हो गया।
गेरुए रंग में रंगी धरती और लकदक करते शेख मोहम्मद हसन व एजाज रसूल द्वार पर तमाम विशिष्ट मेहमानों की गरिमामयी उपस्थिति में जैसे ही डीएम की पत्नी डॉ. सुधा मिश्रा ने शाम 5 बजकर 15 मिनट पर फीता काटा, पूरा समारोह स्थल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। कदमताल करते पीएसी बैंड की धुन सारे जहां से अच्छा हिंदोस्ता हमारा... के बीच पूरा अमला निर्धारित मार्गों से होता हुआ मेला समिति कार्यालय पहुंचा। इस बीच वारिसी स्कूल के बच्चों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया।
इसके बाद ऑडिटोरियम पहुंची डीएम की पत्नी ने दीप प्रज्वलित कर महोत्सव के शुभारंभ की घोषणा की। 28 अक्तूबर से 7 नवंबर तक चलने वाला ऐतिहासिक देवा महोत्सव अपनी अनूठी छाप छोड़ने के लिए तैयार हो गया। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक अब्दुल हमीद, अपर जिलाधिकारी हरिकेश चौरसिया, एएसपी कुंवर ज्ञानेंजय सिंह, एसडीएम सदर नीलम यादव, संयुक्त सचिव अताउर्रहमान किदवई, ब्लॉक प्रमुख संगीता गौतम, वामिक रफीक वारसी व अन्य सदस्य भी मौजूद रहे।