कौमी एकता का महाकुंभ देवा महोत्सव का आगाज आज शाम परंपरागत तरीके से किया जाएगा। देवा में 11 दिनों तक कला-संस्कृति के वैभव की यहां अनूठी छटा दिखेगी। बुधवार की शाम पांच बजे पीएसी बैंड की सुमधुर धुनों के बीच जिलाधिकारी की धर्मपत्नी फीता काटकर मेले का शुभारंभ करेंगी।
जो रब है वही राम है का संदेश देकर मशहूर हुए सूफी संत हाजी वारिस अली शाह की पवित्र धरती देवां पर लगने वाला ऐतिहासिक देवा मेला (महोत्सव) बुधवार को कदीमी रिवायतों के बीच शुरू होगा। देश भर की कला, संस्कृति, खानपान व अन्य विधाएं इस महोत्सव में खुशबू की तरह बिखरेंगी।
सूफी संत के संदेश की तरह ही इस महोत्सव की विविधता अपनी अलग पहचान रखती है। देश-विदेश के लाखों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र इस महोत्सव को भव्य स्वरूप देने की प्रशासनिक कवायद पूरी हो चुकी है। पूरा मेला परिसर सज-संवर कर जायरीन के स्वागत में तैयार हो गया है। ऑडिटोरियम को इस तरह से तैयार किया गया है कि वह महोत्सव के आकर्षण का केंद्र बन गया है।
इस विशालकाय मेला परिसर में जायरीन (श्रद्धालुओं) के लिए करीब-करीब सब कुछ मौजूद हैं। मसलन मनोरंजन के लिए झूला, सर्कस, मैजिक शो से लेकर नामचीन कलाकारों की प्रस्तुतियां इस महोत्सव की शोभा बढ़ाएंगे।