रामडोल जुलूस में झूमते श्रद्धालु। संवाद
देवा। कान्हा की भक्ति का सुरमई रंग। अकीदत और आस्था का ऐसा अद्भुत महासंगम कि देवा की गलियों में तिल रखने की जगह तक नहीं बची। श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की 77वीं वर्षगांठ पर जब बाल गोपाल का भव्य रामडोल और शोभायात्रा निकली, तो हजारों श्रद्धालुओं का हुजूम सड़कों पर उतर आया। गूंजते जयकारों और शंखनाद से पूरा देवा धाम कृष्णमय हो उठा।
कस्बे के मोहल्ला हुजाजी तीन में निगम बंधु जनसहयोग से 77 वर्षों से इस ऐतिहासिक रामडोल की गौरवशाली परंपरा को संजोए हुए हैं। परंपरा के अनुसार जन्मोत्सव के तीसरे दिन धारे की पुलिया से भव्य शोभायात्रा का शुभारंभ हुआ। जैसे-जैसे रामडोल निर्धारित मार्गों से आगे बढ़ा, जनसैलाब का दायरा बढ़ता गया।
शोभायात्रा में नासिक से आए मशहूर बैंड-बाजों की अनुगूंज और डीजे की भक्ति धुनों ने ऐसा जादू बिखेरा कि युवा घंटों तक झूमते नजर आए। रास्ते भर श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर रामडोल में विराजे श्रीकृष्ण की महाआरती उतारी और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मांगा।
विशाल जनसमूह को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहा। चप्पे-चप्पे पर मुस्तैद पुलिस सुरक्षा के बीच यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से आगे बढ़ी। कौमी एकता गेट पर राज्यमंत्री सतीश चंद्र शर्मा और ब्लॉक प्रमुख धर्मेंद्र यादव ने रामडोल पर पुष्पवर्षा कर आत्मीय स्वागत किया।
इस ऐतिहासिक पल के साक्षी डॉ. विवेक वर्मा, पंडित सिद्धनाथ शास्त्री, राजकमल निगम, मनोज सोनी, हिमांशु सोनी, बृज किशोर सोनी, रिंकू गुप्ता, विराट कृष्ण निगम, तन्मय कृष्ण निगम, कार्तिक राज, आयुष मंडल व सचिन गुप्ता सहित भारी संख्या श्रद्धालु बने।