बाराबंकी। सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना का उद्देश्य हर ग्रामीण घर तक पेयजल पहुंचाना है, लेकिन सिद्धौर क्षेत्र के कई गांवों में यह योजना फलीभूत नहीं हुई। परियोजनाएं ही अभी अधूरी हैं। माझियावा में दो साल से काम रुका है। अब तक सिर्फ बाउंड्री वॉल बनाकर एक जनरेटर रख दिया गया है।
न टंकी बनी, न पाइपलाइन बिछी, न घरों तक नल लगे। ग्रामीणों के मुताबिक जिस जमीन पर टंकी बननी थी, वहां गांव निवासी शाहिद का मिनी राइस मिल संचालित था। पुलिस और राजस्व विभाग ने जमीन खाली कराई, लेकिन शाहिद ने निजी जमीन पर जबरिया टंकी बनाने का मामला न्यायालय में दायर कर दिया। प्रकरण विचाराधीन होने से निर्माण कार्य अधर में लटक गया है।
ग्राम पंचायत रसूलाबाद बिहारी लाल में भी टंकी अधूरी पड़ी है और पाइपलाइन का काम पूरा नहीं हुआ। कौराहा पुरवा से जैदपुर रोड के पास पाइपलाइन लंबे समय से लीकेज है। कौराहा पुरवा, पत्थर पुरवा, निबहरा और रसूलाबाद में पाइपलाइन के लिए खोदी गई सीसी रोड और इंटरलॉकिंग आज तक नहीं बनी।
इससे आए दिन बाइक-साइकिल सवार गिरकर घायल हो रहे हैं। ग्राम प्रधान अनिल कुमार ने बताया कि शिकायत कई बार अधिकारियों से की गई, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। उस्मानपुर, भुनई, रुद्र, सैदनपुर, अतरौली समेत अन्य गांवों में भी स्थिति समान है। सैदनपुर में तीन साल बाद भी अधूरी टंकी अधूरी है।
खोजेनगर और सैदनपुर मजरे में पाइपलाइन नहीं बिछी, नल नहीं लगे और टंकी का स्ट्रक्चर अधूरा है। डफरापुर में डाली गई पाइपलाइन जगह-जगह लीक है। बोरिंग से सीधे पानी छोड़ने पर पाइप फट जाती है। अवर अभियंता विमल गिरी ने कहा कि माझियावा का प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन होने से काम रुका है। रसूलाबाद और अन्य गांवों की समस्याएं जल्द दूर कराई जाएंगी। सैदनपुर में बजट की कमी से काम रुका है, लीकेज को जल्द ठीक कराया जाएगा।