डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय से जुडे़ जिले के कॉलेजों में पढ़ा रहे शिक्षक करिश्माई दिख रहे हैं। इनके आधार कार्ड ऑनलाइन किए गए तो उनकी कुंडली सामने आ गई। शिक्षक एक, लेकिन उनकी तैनाती एक दर्जन कॉलेजों में पाई गई। जिनमें कई जिले के तो कई दूसरे जिलों के कॉलेज भी शामिल हैं।
यह खुलासा होने के बाद कॉलेजों में हड़कंप मचा है। एक ही नाम-पते के शिक्षक नियमित पढ़ाने से लेकर वेतन लेते पाए गए। जिनको विश्वविद्यालय जल्द ही नोटिस जारी करेगा। वहीं कॉलेज प्रबंधतंत्र को कार्रवाई का डर सताने लगा है।
अवध विश्वविद्यालय से जुडे़ जिले के कॉलेजों में शिक्षकों के फर्जी अनुमोदन की शिकायतों पर कुलाधिपति व कुलपति स्तर से रिकार्ड ऑनलाइन कराए गए। जिसके लिए कॉलेजों ने शिक्षकों के आधार नंबर समेत बायोडाटा व अनुमोदन के रिकार्ड विश्वविद्यालय को उपलब्ध कराए थे।
जिनका ब्यौरा ऑनलाइन किया तो दृश्य चौंकाने वाले आए। एक ही शिक्षक दर्जनभर विद्यालयों में एक साथ पढ़ा रहे हैं। रामखेलावन महाविद्यालय शेषपुर दामोदर असंद्रा में पढ़ाने वाले शिक्षक राकेश सिंह की तैनाती एक दर्जन कॉलेजों में है।
जिले के कॉलेज के अलावा इनका अनुमोदन सुल्तानपुर व फैजाबाद के कई कॉलेजों में किया गया है। इरम कॉलेज मैलारायगंज के शिक्षक अरविंद कुमार यादव नौ कॉलेजों मे तैनात हैं। जिनमें जिले के दो कॉलेज सीता देवी महाविद्यालय पारिजातधाम बरौलिया व रानी शांतिदेवी सोशल वेलफेयर एजूकेशन सोहिलपुर हथौंधा शामिल हैं तो फैजाबाद व अंबेडकरनगर के कई कॉलेजों में इनकी तैनाती अनुमोदन के बाद पाई गई है।
इसी कड़ी में पंडित प्राणनाथ कामता प्रसाद एमबी कॉलेज आदित्यनगर अमहिया में तैनात शिक्षिका स्नेहलता की तैनाती भी पांच कॉलेजों में पाई गई। ग्रामांचल स्नातकोत्तर महाविद्यालय हैदरगढ़ में तैनात शिक्षिका रेखारानी वाजपेयी की तैनाती भी कई कॉलेजों में अनुमोदन के बाद की गई है।
कई जगह तैनात शिक्षकों का वेरीफिकेशन कराया जा रहा है। वास्तव में वह कहां तैनात हैं। कई कॉलेजों से वेतन लेने पर शिक्षक दोषी माना जाएगा तो कॉलेज अगर उनके डाक्यूमेंट्स का प्रयोग कर रहे हैं तो कॉलेज प्रबंधतंत्र पर जांच के बाद कार्रवाई होगी। - संजय कुमार, रजिस्ट्रार डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, फैजाबाद