बाराबंकी। किसानों के लिए छुट्टा मवेशी जानलेवा साबित हो रहे हैं। चौबीस घंटे के दौरान छुट्टा मवेशी के हमले में एक और किसान की जान चली गई। क्षेत्र में खेत की रखवाली कर लौट रहे एक बुजुर्ग काश्तकार पर मवेशी ने हमला कर दिया। इस हमले में गंभीर रूप से घायल बुजुर्ग की आर्थिक स्थित ठीक न होने केे कारण बेटे ने गांव में ही दवा दिला दी। देर रात किसान की मौत हो गई। एक अन्य किसान की मौत बुधवार रात मवेशी के हमले में चली गई थी। गुरुवार को हुई दूसरी घटना के बाद ग्रामीणों में काफी आक्रोश है। इसके साथ ही खेत की रखवाली करने वाले किसान सहमे हैं।
यह घटना हरख ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत दौलतपुर में हुई। किसान छोटेलाल (70) गुरुवार देर शाम खेत की रखवाली करने के बाद पैदल घर लौट रहा था। गांव के रास्ते में छुट्टा मवेशी खड़े थे। छोटेलाल उनके बगल से निकल रहा था कि एक मवेशी ने उस पर हमला कर दिया। अचानक हुए हमले में उसे बचने का मौका तक नहीं मिल पाया। मवेशी के हमले में वह घायल हो गया। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंचे किसान के बेटे ने आर्थिक स्थित ठीक न होने के कारण रात में दर्द की दवा लाकर खिला दी। सुबह सरकारी अस्पताल में भर्ती कराने की बात ग्रामीणों से की लेकिन देर रात घायल किसान छोटेलाल की मौत हो गई। छुट्टा मवेशियों के हमले में दो दिन के दौरान दो किसानों की मौत से ग्रामीणों में ब्लॉक व तहसील प्रशासन के प्रति काफी नाराजगी है।
जहांगीराबाद क्षेत्र के ग्राम अजगना निवासी बाबू लाल (55) पर बुधवार रात खेत में फसल की रखवाली करने के दौरान एक छुट्टा मवेशी ने हमला कर दिया था। इस हमले में बाबूराम गंभीर रूप से घायल हो गए। किसान का शोर सुन कर दौड़े ग्रामीणों व परिवारीजनों ने किसी तरह से मवेशी को भगाया व गंभीर रूप से घायल बाबूलाल को जिला अस्पताल पहुंचाया। उसकी हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया। लखनऊ ले जाने के दौरान बाबूलाल की मौत हो गयी।