त्रिवेदीगंज (बाराबंकी)। लोनीकटरा थाना क्षेत्र के गुरुदयालपुरवा मजरे ककरी गांव में मंगलवार को दिल दहला देने वाली घटना प्रकाश में आई। सरकारी सेवा से निवृत हुए 71 वर्षीय बनवारी लाल का शव उनके घर के अंदर सड़ी हुई अवस्था में पाया गया। गांववालों को वह 10 दिन से नहीं दिखे थे। इस दौरान उनके बेटों और पत्नी ने भी हाल नहीं जाना। सूचना पर पहुंचे परिजनों ने पुलिस को कोई जानकारी दिए बगैर अंतिम संस्कार कर दिया।
थाना क्षेत्र लोनीकटरा के ककरी ग्राम पंचायत के मजरे गुरुदयाल पुरवा के बनवारी लाल (71) लखनऊ के वीवीआईपी गेस्ट हाउस में माली के पद से करीब 10 साल पहले सेवानिवृत्त होने के बाद गांव के घर में अकेले रहते थे। इनकी पत्नी और पुत्र विमलेश व रिंकू परिवार के साथ लखनऊ में रहते हैं। बीते करीब 10 दिन से इनको किसी ने घर के बाहर निकलते नहीं देखा। गांव में रहने वाले मृतक के बड़े भाई भागीरथ ने बताया कि बीती नौ जनवरी को मिलने के बाद से दिखाई नहीं दिए।
मंगलवार सुबह बाग के बंटवारे का सहमति पत्र लेकर गए थे। वहां दुर्गंध आने से अनहोनी की आशंका हुई और खिड़की से झांकने पर गुरुदयाल चारपाई पर मृत पड़े दिखाई दिए। परिवारवालों को फोन पर घटना की सूचना दी। गांव पहुंचे परिवारवाले दरवाजा तुड़वाकर अंदर प्रवेश किए। दस दिन की अवधि में पत्नी व पुत्रों द्वारा अकेले रह रहे परिवार के वृद्ध मुखिया की सुधि नहीं लेना चर्चा में रहा। गांव पहुंचे पुत्रों ने ग्रामीणों के सहयोग से अंतिम संस्कार किया।
एसएचओ दोमित्र सेन रावत ने बताया मामले की सूचना पुलिस के पास नहीं है। देर रात एसपी दिनेश कुमार सिंह के निर्देश पर पुलिस ने जानकारी भी की मगर कोई तहरीर देने को तैयार नहीं हुआ।
टूटते परिवार और अकेलापन भी ले रहा जानें, घटनाएं गवाह
बाराबंकी। पहले रिश्तों को संजोए रखने के लिए चिट्ठी लिखी जाती थी, उसके हर शब्द में मिठास थी। मोबाइल आया तो हर घंटे बाद होने लगी। लेकिन संयुक्त परिवार टूटने के दौर में घरों के अंदर से सड़े हुए शव निकल रहे हैं।
बीती आठ दिसंबर को ही जहांगीराबाद थाना के फैजुल्लागंज मोहल्ला में एक घटना हुई। यहां के कल्लू की बहुत पहले मौत हो चुकी है। इनका बेटा इसराइल कानपुर में ऑटो चलाता है। पुत्री परवीन की कानपुर में शादी कर दी गई है। घर में इनका बेटा गुड्डू (23) अपनी विक्षिप्त मां नसीम के साथ रहता था। घर के अंदर गुड्डू का सड़ा हुआ शव मिला था। एक जुलाई, 2024 को नगर कोतवाली के आवास विकास कॉलोनी में लकी (25) नामक युवक का सड़ा शव कमरे में मिला था। एक साल पहले शहर में ही एक किशोर का शव इसी अवस्था में पड़ा मिला था।
यह हालात बता रहे हैं कि बदलते जमाने में व्यस्तता रिश्तों पर भारी पड़ रही है। जांच में पुलिस को भी पता चला कि मौत का एक कारण अकेलापन भी है। हिंद मेडिकल कॉलेज के मनोरोग विभाग के प्रमुख डॉ. हबीब खान ने बताया कि संयुक्त परिवारों के न होने से ऐसी घटनाएं हो रही है।