बाराबंकी। अलग-अलग जगहों पर संदिग्ध हालात में एक पशु चिकित्सालय में तैनात कर्मचारी और एक किशोरी का शव फंदे से लटका पाया गया। प्रथमदृष्टया आत्महत्या करार देते हुए पुलिस शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज छानबीन कर रही है। कर्मचारी पत्नी के मायके चले जाने से आहत था।
शामली जिले के कांधला थाना क्षेत्र के खंदरावली गांव निवासी शरद कुमार (40) वर्ष 2006 से मोहम्मदपुर खाला थाना क्षेत्र के कस्बा सूरतगंज स्थित पशु चिकित्सालय में चतुर्थ श्रेणी पद पर तैनात था। वह बिझला गांव के बलराज यादव के सूरतगंज स्थित मकान में किराए पर रहता था। बुधवार दोपहर करीब 11 बजे चिकित्सालय में तैनात दूसरा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सतीश उसके घर पहुंचा तो दरवाजा खुला मिला। सतीश जब कमरे के अंदर गया तो उसे शरद का शव फंदे से लटका मिला। दहशत में वह बेहोश हो गया। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कमरे से निकलवाया। ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि शरद की पत्नी शालिनी ढाई महीने पहले नाराज होकर मायके चली गई की। तभी से वह अवसाद में चल रहा था। पुलिस ने परिजनों को सूचना देकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
वहीं, हैदरगढ़ कोतवाली क्षेत्र के बेहटा पंचायत के मजरे बैरिहा निवासी रामनरेश मल्लाह की पुत्री सुषमा (14) बीते बुधवार सुबह घर से खेत के लिए निकली थी। एक घंटा बाद वापस नहीं लौटने पर परिजन खेत की ओर गए तो आबादी से सौ मीटर दूर पेड़ में दुपट्टे से बने फंदे में सुषमा का शव लटका मिला। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पीएम के लिए भेजा। घटना के समय मृतका की मां मायके गई हुई थीं और बड़ी बहन व पिता घर पर थे। हैदरगढ़ के कोतवाल अजय त्रिपाठी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।