- दो वर्षीय मासूम के साथ दुष्कर्म के बाद इलाज में हुई लापरवाही को लेकर कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
बहराइच। थाना पयागपुर में बीते 17 अप्रैल को दो वर्षीय मासूम के साथ हुए दुष्कर्म के बाद इलाज में लापरवाही के मामले को बाल कल्याण समिति न्याय पीठ ने गंभीरता से लिया है। शुक्रवार को न्याय पीठ ने एक चिकित्सक समेत चार महिला चिकित्साकर्मियों को नोटिस जारी कर पांच दिन में स्पष्टीकरण मांगा है। जवाब न मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
थाना पयागपुर क्षेत्र में दो वर्षीय मासूम के साथ उसके ताऊ ने दुष्कर्म किया। घटना के बाद लहुलुहान हालत में उसे रात दस बजे महिला पुलिसकर्मी के साथ महिला चिकित्सालय इलाज के लिए लाए थे। लेकिन यहां तैनात चिकित्सक डाॅ. रिचा यादव, ममता बसंत, उपचारिका सरिता पाल, श्वेता पांडेय व सरोज कुमारी ने इलाज करने से मना कर दिया था। घटना की जानकारी महिला आरक्षी द्वारा सीडब्ल्यूसी के अध्यक्ष सतीश श्रीवास्तव को दी गई। अध्यक्ष ने तत्काल घटना के बारे में सीएमओ, एसपी सिटी व नगर कोतवाल को सूचना दी थी। एसपी सिटी के प्रयास से मासूम का इलाज तो शुरू हुआ लेकिन उसे लखनऊ मेडिकल कालेज रेफर कर दिया गया था। इस दौरान मासूम दो घंटे तक बिना इलाज के तड़पती रही।
घटना को सीडब्ल्यूसी के अध्यक्ष ने गंभीरता से लेते हुए शुक्रवार को सभी के खिलाफ नोटिस जारी करते हुए पांच दिनों में जवाब मांगा है। सीडब्ल्यूसी के अध्यक्ष ने बताया कि अगर पांच दिनों में नोटिस का जवाब नहीं दिया जाता है, तो सभी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक वर्ष का कारावास व जुर्माने से दंडित किया जाएगा। सीडब्ल्यूसी के अध्यक्ष ने बताया कि सीएमओ से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है।