बाराबंकी। मरीज किस बीमारी से ग्रसित है और कौन सा बैक्टीरिया (जीवाणु) हावी है, इसका पता अब आसानी से लगाया जा सकेगा। इसके लिए जिला अस्पताल में कल्चर जांच की सुविधा जल्द ही शुरू होगी। जांच के लिए अस्पताल के हृदयरोग विभाग में एक कक्ष आरक्षित किया गया है। माइक्रोबायोलॉजिस्ट की तैनाती के बाद कल्चर जांच का काम अब रफ्तार पकड़ने लगी है।
जिला अस्पताल में अभी तक मरीजों की खून से होने वाली सामान्य जांच ही हो पाती हैं। यहां की पैथोलॉजी में कल्चर जांच की सुविधा नहीं है। अब यूरिन, बलगम, ब्लड सहित अन्य सभी प्रकार की कल्चर जांच की सुविधा को भी यहां शुरू किया जाएगा। इससे मरीज की किस बीमारी में कौन सा बैक्टीरिया हावी है, इसका आसानी से पता लगाया जा सकेगा। इसके बाद उसी के अनुसार मरीज का बेहतर तरह से इलाज होगा।
सीएमएस डॉ. जेपी मौर्य ने बताया कि माइक्रोबायोलॉजिस्ट की तैनाती हो गई है। आवश्यकता के अनुरूप संसाधनों का इंतजाम किया जा रहा है। इसके लिए हृदयरोग विभाग में एक कक्ष भी आरक्षित कर लिया गया है। मरीजों को कल्चर जांच के लिए इधर-उधर जाना नहीं पड़ेगा। (संवाद)
प्रतिदिन होती हैं 500 जांच
जिला अस्पताल की पैथोलॉजी में प्रतिदिन 450 से 500 जांचें होती हैं। इनमें सबसे ज्यादा सीबीसी, एलएफटी, केएफटी, टायफाइड, मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया सहित कई प्रकार की जांचें होती हैं। कल्चर जांच शुरू होने से मरीजों को इसका बेहतर लाभ मिलेगा।