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संत विशालदेव की पुण्यतिथि पर उमड़ेगी भीड़

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33- बाराबंकी। मसौली क्षेत्र के मूंजापुर गांव स्थित संत कबीर अध्यात्म संस्थान। - फोटो : BARABANKI
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मसौली(बाराबंकी)। संत विशालदेव की 44 वीं पुण्यतिथि पर मुंजापुर स्थित संत कबीर अध्यात्म संस्थान पर शुक्रवार को संतों और भक्तों का जमावड़ा होगा। एक दिवसीय सत्संग में दूर दराज समेत पड़ोसी नेपाल देश से श्रद्घालु शामिल होंगे। जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर गोंडा-बहराइच राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित ग्राम मुंजापुर में स्थित संत कबीर अध्यात्म संस्थान है। यहां पर संत विशाल साहेब एवं संत प्रेम साहेब की समाधि स्थल है। संत विशाल साहेब का जन्म 1885 में डफरपुर गांव में हुआ था। विशाल साहेब कभी भी पाठशाला नहीं गये थे। वे बचपन में वैरीसाल के नाम से जाने जाते थे और माता पिता के संरक्षण में ही घर पर नागरलिप वर्गमाला का ज्ञान प्राप्त किया था। निरन्तर अध्य्यन तपस्या साधना एव इंद्रिय संयम से से ज्ञान प्राप्त किया। उनके द्वारा रचित चार ग्रंथ भवयान, मुक्तिद्वार, सत्यनिष्ठा व नवनियम हैं। विशाल साहेब 95 साल तक जीवित रहे और वर्ष 1980 में फाल्गुन माह कृष्ण पक्ष के दिन मुंजापुर गांव में अंतिम सांस ली। विशाल साहेब के शिष्यों ने काठमांडू, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, छत्तीसगढ़, दिल्ली, मध्य प्रदेश सहित पूरे देश में आश्रम बनवाए हैं।
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प्रत्येक वर्ष फाल्गुनी कृष्ण पक्ष के दिन संत विशाल साहेब की पुण्यतिथि पर संत कबीर अध्यात्म संस्थान कबीर आश्रम मुंजापुर में होने वाले भंडारे में देश के कोने कोने से लेकर काठमांडू के भक्त भण्डारे में शामिल होने के लिए आते है। भंडारे में आरती व सत्संग में भक्त भाग लेंगे।
संत कबीर अध्यात्म संस्थान मुंजापुर कबीर पंथी का प्रसिद्ध स्थल होने के कारण गवर्नर से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों एक राजनेताओं का आवागमन रहता है। वर्ष 1993 में उत्तर प्रदेश के तत्कालीन राज्यपाल मोतीलाल वोरा ने भंडारे में शामिल हो कर आश्रम में 24 घंटे विद्युत आपूर्ति व आश्रम तक पक्की सड़क की सौगात दी थी। इसके अलावा छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व केंद्रीय मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा, मंत्री रमापति शास्त्री, अरुण कुमार शुक्ला सहित प्रशासनिक अधिकारी वेकेंटेश्वर लू, देवेंद्र कुमार पांडेय, रामसिंघासन आदिदर्शन के लिए आश्रम में आ चुके है।
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कबीर अध्यात्म संस्थान की देखरेख प्रेम साहेब के शिष्य निष्ठा साहेब के सानिध्य में संस्थान के अध्यक्ष आलोक साहब द्वारा की जाती है। आलोक दास ने बताया कि सद्गुरु विशाल देव जी की 44 वीं पुण्य स्मृति मे आयोजित होने वाले सत्संग भंडारे में संतों-भक्तों का आगमन शुरू हो गया है। छत्तीसगढ़ से संत विजयेंद्र साहेब अपनी मंडली के साथ आ चुके हैं। अमेरिका से कुमुद, डॉ. महेंद्र , मंजुला , सेजल, महाराष्ट्र से डॉ. हनुमंते, राजस्थान से मोहन पारेता सपरिवार सत्संग में शामिल होने के लिए आश्रम आ चुके हैं। सनव्त आलोक दास ने बताया कि 14 फरवरी को प्रात: पांच बजे गुरु वंदना, सुबह साढ़े आठ बजे वचनामृत पाठ, सुबह साढ़े नौ बजे से भजन सत्संग, दोपहर 12 बज से गुरुदेव जी के अमृत वचन दोपहर एक बजे से डेढ़ बजे तक संतों की आरती पूजा और इसके बाद भंडारा शुरू होगा।
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