बाराबंकी। धनतेरस जैसे शुभ दिन पर लोग नई संपत्ति की रजिस्ट्री कराने को बेताब थे। जबकि रजिस्ट्री कार्यालय में सर्वर की सुस्ती ने सभी को मायूस कर दिया। शनिवार को लगातार पांचवें दिन भी सर्वर की रफ्तार धीमी होने से रजिस्ट्री का काम प्रभावित रहा। दिन भर में सिर्फ 77 रजिस्ट्री हो पाईं। जबकि सैकड़ों लोग सुबह से शाम तक अपनी बारी का इंतजार करते रहे।
शनिवार सुबह से ही रजिस्ट्री कार्यालय के बाहर लंबी कतारें लग गई थीं। लोग अपनी फाइलें और कागज लिए इस उम्मीद में थे कि आज धनतेरस पर शुभ मुहूर्त में रजिस्ट्री हो जाएगी। सर्वर ने जैसे ही रेंगना शुरू किया, लोगों के चेहरे पर उम्मीद की चमक दिखी। कुछ ही देर बाद सर्वर फिर बैठ गया तो वही चमक मायूसी में बदल गई। दोपहर बाद सर्वर धीमे-धीमे चलता रहा। लेकिन लक्ष्य के सापेक्ष आधी भी रजिस्ट्री नहीं हो पाईं। धनतेरस पर रजिस्ट्री कराने की आस में पहुंचे लोगों ने कहा कि साल में एक बार आने वाले शुभ दिन पर अगर सिस्टम ही जवाब दे जाए तो परेशानी बढ़ जाती है। लगातार पांच दिन से सर्वर डाउन रहने से सरकार को भी लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ा। सब रजिस्ट्रार हरीश चतुर्वेदी ने बताया कि सर्वर में तकनीकी खामी है। इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। जल्द समस्या दूर होने का भरोसा दिलाया गया है।