जंहागीराबाद (बाराबंकी)। गांव के बाहर आम की एक बाग में कई दर्जन कौवों के एक साथ मृत पाए जाने से हड़कंप मच गया है। सूचना मिलते ही भारी संख्या में लोग मौके पर पहुंचे गए और इसकी जानकारी पशुपालन विभाग तथा वन विभाग को दी। बर्ड फ्लू की आशंका को देखते हुए डीएफओ और सीवीओ ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
कस्बा त्रिलोकपुर के पास भटपुरवा गांव है। जो मसौली थाना और कोतवाली फतेहपुर के बॉर्डर पर है। यहां सीमा वर्मा की करीब 70 बीघा में 400 पेड़ों वाली आम की बाग है। इसी बाग में कौवों के मरने की घटना हुई। घटना के बाद इलाके के लोगों में बर्ड फ्लू की आशंका को लेकर दशहत फैल गई है। गांव के संदीप, अमित, अर्जुन समेत कईयों ने बताया कि करीब 100 कौए बाग में मृत पाए गए।
मंगलवार की सुबह से दोपहर तक लगातार आसमान से मृत कौवों गिरने का सिलसिला जारी रहा, कुछ गिरने के बाद तड़पकर मर गए। मामले की जानकारी के बाद पशुपालन विभाग और वन विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। हालांकि देर शाम तक जिम्मेदार अधिकारियों ने किसी भी मृत कौए के शव को पोस्टमार्टम के लिए नहीं भेजा था।
आम के पेड़ों पर किया गया कीटनाशक का छिड़काव
आम की अच्छी फसल को देखते हुए मसौली के एक व्यापारी ने इस सीजन ये खरीदी है। जिसमें हजारों कौओं का बसेरा है। ग्रामीणों के मुताबिक आम की फसल को पक्षी नुकसान न पहुंचाए, इसलिए व्यापारी ने बाग में कई प्रकार के कीटनाशकों का छिड़काव आम के पेड़ों पर कर रखा है। ग्रामीण कौवों की मौत को इससे भी जोड़कर देख रहे हैं।
कौआ एक वन पक्षी है, इसलिए ये घटना को डीएफओ देखेंगे। फिर भी वह अपने स्तर से भी इस मामले की जांच कराएंगे और जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. मार्कन्डेय सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी
तिलोकपुर के निकट एक बाग में भारी संख्या में कौओं की मौत होने की सूचना मिली है। मामले की जांच कराई जा रही है। यदि कीटनाशक की वजह से पक्षियों की मौत हुई होगी तो जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. एनके सिंह, डीएफओ