लखनऊ। जानकीपुरम जनकल्याण समिति ने जानकीपुरम विस्तार सेक्टर-3 में तालाब के पुनरुद्धार और सुंदरीकरण के काम पर सवाल उठाते हुए इसे स्थानीय लोगों के लिए उपयोगी बनाने की मांग की है। समिति का कहना है कि वर्षों के संघर्ष के बाद तालाब को भू-माफियाओं के कब्जे से बचाया गया, लेकिन करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद इसका अपेक्षित विकास नहीं हो सका।
समिति के अध्यक्ष विनय कृष्ण पांडेय ने बताया कि सपा सरकार के दौरान तालाब की तीन ओर बाउंड्री बनाई गई। बाद में तत्कालीन मंडलायुक्त रोशन जैकब के हस्तक्षेप से विकास कार्य शुरू हुए। तालाब के विकास के लिए करीब पौने दो करोड़ रुपये और एसटीपी निर्माण पर सवा करोड़ रुपये खर्च किए गए। इसके बावजूद आज तक तालाब में पानी नहीं है और यह असामाजिक तत्वों का अड्डा बनता जा रहा है।
समिति का कहना है कि तालाब प्राकृतिक स्वरूप में पहले से हरा-भरा था, लेकिन सुंदरीकरण के नाम पर उसका मूल स्वरूप बिगड़ गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी तालाब का लाभ आम लोगों को नहीं मिल रहा।