मगरमच्छ को पकड़ घाघरा में छोड़ा
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शहर कोतवाली क्षेत्र में जमुरिया नाले में दस दिन से एक मगरमच्छ को लोगाें के लिए मुसीबत बना हुआ था। टीएसए की टीम को मगरमच्छ पकड़ने के लिए के नामित किया गया था। गुरुवार को टीम ने आकर नाले आसपास का इलाका देखा और उसे पकड़ने का प्लान बनाकर चली गई थी। शनिवार की सुबह उसे टीम ने पकड़कर घाघरा नदी में छोड़ दिया। उसके बाद मोहल्ले वासियों ने राहत की सांस ली।
शहर के आवास विकास कॉलोनी के नलकूप कार्यालय के पास जमुरिया नाला निकला है। यहां पर लोगों ने करीब दिन पूर्व एक मगरमच्छ देखा था। मोहल्ले वासियों की सूचना पर वन विभाग के अधिकारी ने बुधवार को उसे पकड़ने की तैयारियों में लग गए। मगरमच्छ को पकड़ने के लिए लखनऊ की टीएसए (टर्टल सरवाइवल एलायंस) संस्था को जिम्मेदारी सौंपी गई।
टीम ने गुरुवार को नाले के आसपास के इलाकों को देखा था। शनिवार की सुबह टीएसए के कोआर्डिनेटर भाष्कर दीक्षित व अरूणिमा सिंह के नेतृत्व में छह सदस्यीय टीम नाले पर पहुंची। वहां पर मगरमच्छ के दिखाई न देने पर सभी उसके बाहर निकलने का इंतजार करते रहे।
अब तक 22 मगरमच्छ पकड़ने में सफलता हासिल कर चुके मछुआरे रामू व मुन्ना ने नाले के कुंड में जाकर उसका पता लगाया। करीब 15 फीट गहरे पानी में छिपे मगरमच्छ को दोनों मछुआरे पानी में घुसकर अंदर ही उसे जाल में बांध कर बाहर ले आए। डेढ़ घंटे के ऑपरेशन के बाद उसे पकड़ने में सफलता मिली। मौके पर वन क्षेत्राधिकारी देवमणि मिश्रा भी अपनी टीम के साथ मौजूद रहे।
भाष्कर दीक्षित ने बताया कि मात्र डेढ़ घंटे के अंदर ही मगरमच्छ को पकड़े जाने की उम्मीद नहीं थी, लेकिन अरूणिमा सिंह के कुशल नेतृत्व में टीम को जल्द ही सफलता मिल गई। डीएफओ जावेद अख्तर के निर्देश पर मगरमच्छ को सुरक्षित रामनगर में घाघरा नदी में छोड़ दिया गया। अरूणिमा सिंह ने बताया कि मगरमच्छ की लंबाई करीब 7-8 फीट और उसका वजन करीब 65 किलोग्राम था।