प्रेम संबंधों के चलते पति की हत्या के एक मामले में अपर सत्र न्यायाधीश दयाराम ने आरोपी पत्नी व उसके प्रेमी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने अभियुक्तों को 13-13 हजार रुपये अर्थदंड भुगतने की सजा सुनाई है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता महेंद्र प्रताप यादव ने बताया कि 25 दिसंबर 2005 को थाना मवई के ग्राम कुशहटीमऊ निवासी जगजीवन भारती ने सड़क के किनारे शव पड़ा होने की सूचना दी। जिस पर तत्कालीन थानाध्यक्ष मवई राणा प्रताप सिंह ने मौके पर जाकर जांच की।
मृतक के मोबाइल की कॉल डिटेल के आधार पर उसकी पत्नी पर शक हुआ। विवेचना के दौरान पता चला कि थाना मवई के लालगांव निवासी मोतीलाल भारतीय स्टेट बैंक शाखा नक्खास में कैशियर के पद पर कार्यरत थे तथा लखनऊ के जानकीपुरम में परिवार सहित रह रहे थे।
मोतीलाल की पत्नी मंजूलता के अवैध संबंध जनपद बस्ती के थाना पुरानी बस्ती निवासी कृष्णचंद्र शुक्ला से थे। कृष्णचंद्र व मंजूलता ने मोतीलाल को रास्ते से हटाने की कोशिश की और उसकी हत्या कर शव गड्ढे के किनारे छिपा दिया।
गवाहों के बयान व दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश दयाराम ने कृष्ण कुमार शुक्ला व मंजूलता को हत्या कर शव छिपाने के अपराध का दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।