लखनऊ के एक युवक की हत्या करने के बाद शव को बहादुरपुर गांव के पास रेलवे ट्रैक के किनारे फेंक दिया गया। पुलिस की सूचना पर बुधवार सुबह परिवारीजन बहादुरपुर गांव पहुंचे। युवक मंगलवार दोपहर को स्कूटी लेकर चारबाग रेलवे स्टेशन के लिए निकला था, जिसके बाद उसका फोन बंद हो गया था।
लखनऊ के गोसाइगंज थाने में युवक के अपहरण का मामला दर्ज है। परिवारीजनों ने अज्ञात लोगों पर हत्या का शक जाहिर किया है। लखनऊ जिले के गोसाइगंज थाना क्षेत्र के नीलमत्था विजय नगर कॉलोनी के रहने वाले राणा प्रताप यादव सेना के रिटायर्ड जवान हैं। इस समय वे रेलवे में नौकरी करते हैं।
इनका पैतृक घर आजमगढ़ जिले के बांसगांव थाना अतरौली में भी है। राणा प्रताप मंगलवार को आजमगढ़ से लखनऊ लौट रहे थे। इन्हें चारबाग रेलवे स्टेशन से लेने के लिए बड़ा पुत्र हरि प्रसाद यादव (24) स्कूटी लेकर घर से निकला था। राणा प्रताप ने बताया कि जब वे घर पहुंचे तो पता चला कि बेटा उन्हेें लेने स्टेशन गया था।
उन्होंने बेटे को फोन किया तो वह बंद था। उन्होंने गोसाइगंज थाने व पुलिस कंट्रोल रूम के नंबर पर फोन कर इसकी जानकारी दी। इसके बाद बेटे के अपहरण का मामला गोसाइगंज थाने में दर्ज हुआ।
बुधवार सुबह राणा प्रताप को फोन आया कि उनके बेटे का शव बाराबंकी के जहांगीराबाद थाना क्षेत्र में बहादुरपुर गांव के पास रेलवे ट्रैक के किनारे पड़ा है। इस बीच मौके पर पहुंचे रिटायर्ड सैनिक ने पुत्र की हत्या कर शव फेंके जाने की बात कही है।
मृतक के सर में गहरी चोट का निशान मिला है, जिससे उस पर हमला कर हत्या करने की बात सामने आ रही है। घटना की जानकारी पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज मामले की जांच पड़ताल शुरू की है।
मृतक हरि प्रसाद की जेब में एक कागज मिला जो बाराबंकी रेलवे स्टेशन के वाहन स्टैंड का था। पुलिस जब यहां पहुंची तो हरि प्रसाद की स्कूटी बरामद हुई। मृतक के पिता का कहना है कि किसी ने उनके बेटे की हत्या करने के बाद स्कूटी यहां खड़ी की है।
वारदात के पीछे की पूरी हकीकत अब पुलिस की जांच पड़ताल के बाद ही पता चल सकेगी। हरि प्रसाद दो भाइयों में बड़े थे और स्नातक की पढ़ाई करने के बाद एसएससी की तैयारी कर रहे थे।