माती के गांवों में पुलिसिया तांडव की हकीकत जानने मंगलवार को पूर्व एमएलसी रामनरेश रावत साथियों के साथ सरसौदी गांव पहुंचे और पीड़ितों का हाल जाना। इस दौरान ग्रामीणों ने बताया कि हम लोग पुलिस वालों से सुभाष का शव मांग रहे थे, लेकिन पुलिस ने शव नहीं दिया जिससे ग्रामीण भड़क उठे और वह माती चौकी का घेराव करने जा रहे थे। हंगामे के बाद पुलिस वालों ने ही चौकी में आग लगा दी। पूर्व एमएलसी बताया कि ग्रामीणों का कहना है कि चौकी पर तैैनात सिपाही प्रभूनाथ यादव और प्रदीप सिंह का इस मामले में पूरा हाथ हैं। इन सिपाहियों की वजह से शव भी गांव वालों को नहीं दिया।