सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने के बाद सुर्खियों में आए बाबा परमानंद ने निसंतान महिलाओं की मजबूरी का फायदा उठाकर बेहिसाब संपत्ति बनाई है। राजसी जीवन शैली के आदी बाबा के आगे अधिकारी और नेता भी नतमस्तक रहते हैं।
निसंतान महिलाओं को बच्चा और खासकर पुत्र पैदा करने की गारंटी देने वाले बाबा परमानंद की करतूतें सोशल मीडिया मेें वायरल होने के बाद क्षेत्रवासी सकते मेें हैं। बाबा ने अपनी काफी संपत्ति बना डाली है।
हर्रई के ग्रामीणों ने बताया कि देवा से लेकर बाबागंज, लखनऊ आदि जगहोें पर बाबा की संपत्तियां हैं। कई पुलिस अधिकारी, राजनेता, प्रशासनिक अधिकारी बाबा के आगे नतमस्तक हैं। आश्रम मेें तमाम वीआईपी व वीवीआईपी के साथ बाबा की लगी तस्वीरें इसका जीता जागता उदाहरण हैं।
यही नहीं, जिस अधिकारी ने इसके कृत्यों की खोजबीन करने का प्रयास किया उसका जिले से बाहर तबादला होने में देर नहीं लगी। बताते हैं कि करीब सात साल पहले तत्कालीन कोतवाल अशोक यादव ने बाबा के खिलाफ कार्रवाई शुरू की तो उन्हें निलंबित होना पड़ा था। बाबा के आश्रम में होने वाले कार्यक्रमों मेें रंगीले नृत्य के नजारे आम रहते थे।
बाबा परमानंद का वीडियो वायरल होने का मामला सुर्खियों में आने के बाद पुलिस भी सक्रिय हो गई है। बाबा के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस टीम ने गुरुवार शाम आश्रम में छापा मारा। कोतवाल जावेद खान ने बताया कि छापे के दौरान वहां मौजूद लोगों से भी पूछताछ की गई।
पुलिस सूत्रों की मानें तो बाबा परमानंद के खिलाफ देवा कोतवाली में पहले से ही विभिन्न मामलों के 9 मुकदमे पंजीकृत हैं। हालांकि कोई संगीन मामले का मुकदमा नहीं है। अन्य कई पहलुओं पर पुलिस द्वारा जांच पड़ताल कर उसके बारे में पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
अश्लील वीडियो वायरल होने के बाद बाबा के खिलाफ देवा कोतवाली के एसआई की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। बाबा के खिलाफ किसी ने कोई लिखित शिकायत अभी तक नहीं की है। आश्रम में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज पुलिस ने ली है। बाबा के अश्लील वीडियो फुटेज की जांच कराई जा रही है। सबूत एकत्र करने के बाद उसकी गिरफ्तारी होगी। -अब्दुल हमीद, एसपी