शुक्रवार को पुलिस लाइन सभागार में हत्या आरोपी के बारे में जानकारी देते एसपी अनिल सिंह।
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शहर के गांधीनगर हड्डीगंज में मोहल्ले में रहने वाले टावर सुपरवाइजर की एक सप्ताह पूर्व की गई नृशंस हत्या का शुुक्रवार को एसपी अनिल कुमार सिंह ने खुलासा किया। पुलिस लाइन के सभागार में प्रेस वार्ता के दौरान पुलिस अधीक्षक ने बताया कि टावर सुपरवाइजर की हत्या उसकी पत्नी के बेटों ने प्रतिशोध में की थी। यह बात गिरफ्तार किए गए छोटे बेटे शिव प्रताप ने स्वीकार की है जबकि, हत्या में शामिल बडे़ बेटे विजय की तलाश की जा रही है।
जौनपुर जिले के सरपतहा थाना क्षेत्र के काशिमपुर निवासी टावर सुपरवाइजर नरेंद्र सिंह छह वर्ष पूर्व पड़ोस के गांव में रहने वाली प्रेमलता को अपने साथ भगा लाया था। जिसे लेकर वह शहर के गांधीनगर हड्डीगंज में रहता था। नरेंद्र शातिर अपराधी था।
प्रतिशोध में जल रहे प्रेमलता के दोनों बेटे विजय व शिवप्रताप को अक्सर गांव जाने पर नरेंद्र धमकाता था। पकड़े गए आरोपी शिव प्रताप ने बताया कि मां को भगाने के बाद बदनामी हुई तो दोनो भाइयों का विवाह भी नहीं हुआ।
ऐसे में नरेंद्र को मारने का प्लान बनाया गया और दोनों भाई नरेंद्र के घर आने-जाने लगे। उसने बताया कि 8 दिसम्बर को उसका भाई यहां आया था। मगर, मां के न होने की सूचना उसको फोन पर दी। जिसके बाद वह भी पहुंच गया।
जहां पर आंख में मिर्च पाउडर झोंक दोनों ने मिलकर चाकुओं से गोदकर उसकी हत्या कर दी। जिसका मुकदमा 9 दिसम्बर को मृतक के भाई अर्जुन सिंह ने कोतवाली नगर में तहरीर देकर दर्ज कराया था।
एसपी ने बताया कि जांच में जुटी पुलिस बीटीएस से मिले नम्बर के सहारे आरोपियों तक पहुंची। घटना को अंजाम देने के बाद अभियुक्त शिव प्रताप मुंबई चला गया था जबकि विजय की तलाश पुलिस कर रही है।