राशन की कालाबाजारी की जांच करने पहुंचे रामनगर तहसील के पूर्ति निरीक्षक को ग्रामीणों के सामने कोटेदार की तरफदारी करना महंगा पड़ गया। नाराज ग्रामीणों ने पूर्ति निरीक्षक को घंटों बंधक बनाकर प्रदर्शन किया। एसडीएम के आश्वासन के बाद लोग शंात हुए और पूर्ति निरीक्षक को छोड़ा।
ग्रामीणों का आरोप है कि पूर्ति निरीक्षक कोटेदारों से रिश्वतखोरी कर गरीबों का अनाज, चीनी व केरोसिन को खुलेआम कालाबाजारी करवाते है और शिकायत पर कहते है कि हम मंत्री के आदमी है। मामला रामनगर तहसील के कस्बा त्रिलोकपुर मजरे केसरीपुर का है।
यहां ग्रामीणों की शिकायत है कि 2015 के अक्टूबर माह में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत अपना पंजीकरण करवाया। इसके बाद भी दोनों कोटेदार अनाज नहीं दे रहे है। नाराज ग्रामीण मंगलवार को बैनर के साथ ग्राम विकास मंत्री अरविंद सिंह गोप के आवास पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गये थे।
इस पर मंत्री के भाई बब्लू सिंह ने किसी तरह ग्रामीणों को कार्रवाई का भरोसा दिलाकर मना लिया। अगले दिन बुधवार को दोपहर उप जिलाधिकारी रामनगर आशुतोष दुबे के आदेश पर पूर्ति निरीक्षक सुरेश सिंह गांव पहुंचकर कोटेदार की तरफदारी करने लगे। पूर्ति निरीक्षक के इस रवैये से लोग भड़क उठे और महिलाओं ने उन्हें घेर लिया।
इस दौरान कार से भागने के चक्कर मेें पूर्ति निरीक्षक को लोगों ने घेरकर बंधक बना लिया। जानकारी पर उप जिलाधिकारी रामनगर आशुतोष दुबे मौके पर पहुंचे। उन्होंने कार्रवाई का भरोसा दिया। कोटेदार से भी लिखित बयान लिया, जिसमें उसने अपनी गलती मानी।
इसी दौरान क्षेत्र पंचायत सदस्य सबीहा छोटकन्ना ने 81 पात्र गरीब परिवारों की लिस्ट उप जिलाधिकारी को देते हुये बताया की इन्हें महीनों से अनाज नहीं मिला है। उप जिलाधिकारी ने बताया की पहले पात्रों को अनाज दिलाया जा रहा है इसके बाद जांच कर कार्रवाई की जायेगी।